Shark Tank India: मिलिए जयपुरिया पूर्व छात्र मयंक से, जिसने कड़ी मेहनत से झटका 1 मिलियन डॉलर का निवेश
भारत के इच्छुक उद्यमी अपने व्यापार मॉडल को निवेशकों के एक पैनल के सामने पेश करने वाला ग्लोबल मंच Shark Tank India के तीसरे सीजन की शुरुआत हो चुकी है। इसमें कई स्टार्टअप सामने आए। लेकिन, लखनऊ स्थित जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के पूर्व छात्र मयंक प्रताप सिसोदिया ने सभी को लुभाया।
सिसोदिया ने अपनी कंपनी 'द ऑनेस्ट होम' को शार्क टैंक इंडिया के ग्लोबल मंच पर पेश किया। जिसके बाद उन्हें शार्क के जज अमित जैन से एक मिलियन डॉलर का निवेश मिला। आइए आपको रूबरू कराते हैं सिसोदिया से...

यूपी के बिजनौर जिले स्थित धामपुर नगर निवासी मयंक प्रताप सिसोदिया ने लखनऊ स्थित जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से तालिम हासिल की। इसके बाद मयंक ने पार्ले में नौकरी की। उसके बाद 7 साल तक यूनीलीवर में भी काम किया। फिर एक आयुर्वेदा स्टार्टअप में काम किया। खास बात यह रही कि मयंक ने अपनी मेहनत और लगन से एक साल में ही कंपनी का रेवेन्यू 1 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया।
कैसे आया खुद के स्टार्टअप का आइडिया?
आयुर्वेदा स्टार्टअप में काम करने के दौरान लोगों से प्रतिक्रिया मिली कि आयुर्वेद प्रोडक्ट प्लास्टिक की पैकेजिंग में क्यों दिया जा रहा है? इसके बाद मयंक के जहन में प्लास्टिक से दूर हटने का ख्याल आया। इसके बाद उन्होंने 'ऑनेस्ट होम कंपनी' की शुरुआत की।
क्या है 'ऑनेस्ट होम कंपनी' ?
ऑनेस्ट होम कंपनी फूड रैप, टिश्यू पेपर, क्लीनिंग प्रोडक्ट, किचन टॉवल, टॉयलेट क्लीनर, फ्लोर क्लीनर जैसे प्रोडक्ट बेचती है। लेकिन, प्रोडक्ट केमिकल फ्री नहीं है। इनके प्रोडक्ट प्लास्टिक फ्री होते हैं।
कोविड काल में बढ़ा रेवेन्यू
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मयंक ने कंपनी की शुरुआत 2.25 करोड़ रुपये की लागत से की थी, जो अब 14 करोड़ रुपये के रेवेन्यू तक पहुंच गया। हालांकि, कोरोना काल के दौरान हुई कंपनी की हालत बेहद खराब रही। इस दौरान मयंक का अपने घर और कार की ईएमआई देना भी मुश्किल हो गया। लेकिन, ऑफलाइन से ऑनलाइन में स्विच करते ही कंपनी की हालत में सुधार हुआ। धीरे-धीरे कारवां करोड़ों तक पहुंच गया।












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