Cyber Fraud: ये सात जगह 'साइबर फ्रॉड' के अड्डे, जहां से चलता है ठगों का काला धंधा
Cyber Fraud: गृह मंत्रालय ने समन्वित और प्रभावी तरीके से देश में साइबर अपराध से निपटने के लिए 2018-2020 की अवधि के लिए 'भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) योजना शुरू की है।

देश में साइबर फ्रॉड का धंधा तेजी से फल फूल रहा है। सरकार इस काले कारोबार और ठगी पर रोक लगाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है लेकिन फिर भी अभी इसपर पूरी तरह से नियंत्रण नहीं हो पाया है। इस बीच एजेंसियों ने साइबर फ्रॉड के सात अड्डों की पहचान की है और उनपर नकेल कसने के लिए राज्यों व अन्य एजेसियों की संयुक्त साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन टीम (जेसीसीटी) का गठन किया गया है।
ये हैं देश के सात 'साइबर फ्रॉड' के अड्डे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि देश में जामताड़ा और मेवात के अलावा चंडीगढ़, अहमदाबाद, हैदराबाद, विशाखापट्टनम और गुवाहाटी की साइबर अपराधियों के हाटस्पॉट के रूप में पहचान हुई है। अमित शाह ने कहा कि साइबर अपराध के शिकार लोगों को पैसा वापस दिलाने के लिए समय पर शिकायत करना जरूरी है। इसके लिए 1930 टोलफ्री हेल्पलाइन नंबर पूरे देश में चालू हैं। इस नंबर पर समय रहते शिकायत किये जाने की वजह से 1.33 लाख से अधिक लोगों के ठगे गए 235 करोड़ रुपये वापस कराने में सफलता मिली है।
साइबर ठगी करने वाले 500 से अधिक मोबाइल एप किए गए ब्लॉक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लोगों को धोखा देने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 500 से अधिक मोबाइल एप्लिकेशन को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की सिफारिशों पर ब्लॉक कर दिया गया है। ताकि ठगे गए धन की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।
एम्स जैसे अस्पताल भी साइबर क्राइम के हुए शिकार: अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि देश में 50 शीर्ष साइबर हमलों, जिनमें एम्स पर हमला भी शामिल है, का I4C द्वारा अध्ययन किया गया है ताकि अपराधों की सामान्य कड़ियों, योजना और निष्पादन का पता लगाया जा सके। जबकि कुछ साइबर हमलों का स्रोत देश के बाहर पाया गया है, कई को भारत के छोटे केंद्रों में उत्पन्न होने के रूप में चिह्नित किया गया है। विदेश में साइबर अपराधों के लिए इंटरपोल के साथ समन्वय के लिए सीबीआई को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है।
20 लाख से अधिक साइबर क्राइम की शिकायतें दर्ज
गृह मंत्रालय के मुताबिक साइबर क्राइम पोर्टल पर अब तक 20 लाख से अधिक साइबर क्राइम की शिकायतें और 40,000 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। सीसीटीएनएस पर नागरिकों से 12.82 करोड़ से अधिक सेवा अनुरोध प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 12.35 करोड़ अनुरोधों का राज्य पुलिस द्वारा निस्तारण किया गया है। NAFIS (फिंगर-प्रिंट सिस्टम) पर 1,05,80,266 रिकॉर्ड को एकीकृत किया जा रहा है, जिससे देश भर की पुलिस को ज्ञात अपराधियों के रिकॉर्ड तक पहुंचने में मदद मिल रही है।
साइबर जागृति दिवस
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार, राज्य के कार्यालयों के साथ मिलकर हर महीने के पहले बुधवार को साइबर जागरुकता दिवस आयोजित करेगा। राज्य सरकार की इकाइयों के बीच साइबर स्वच्छता और साइबर जागरूकता को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्रीय टीमों को भी राज्यों में भेजा जा रहा है।












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