सेक्युलर शब्द पर जमकर संसद के शीतकालीन सत्र में बरसे राजनाथ सिंह
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन संविधान दिवस के मौके पर सदन में बोलते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सेक्युलर शब्द के दुरउपयोग पर जमकर हमला बोला।

गृहमंत्री ने कहा कि सेक्युलर शब्द का प्रयोग बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेक्युलर का अर्थ होता है पंथ निरपेक्ष नाकि धर्म निरपेक्ष, ऐसे में सेक्युलर शब्द का राजनीतिकरण करना बंद करना चाहिए।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत एकमात्र देश है जहां मुस्लिम धर्म में 72 फिरके हैं और सभी फिरकों को मानने वाले लोग सिर्फ भारत में पाये जाते हैं।
राजनाथ सिंह के भाषण के मुख्य अंश
- दुनिया का सबसे संप्रभु देश भारत है।
- सोशलिस्ट शब्द का अर्थ है आर्थिक समरसता।
- सेक्युलर शब्द का सर्वाधिक दुरउपयोग हो रहा है।
- सेक्युलर शब्द का औपचारिक अनुवाद पंथ निरपेक्ष है, धर्म निरपेक्ष नहीं है।
- पारसी समाज के लोग दुनिया में सबसे ज्यादा पीड़ित है, उन्हें सबसे ज्यादा सम्मान भारत में मिला है।
- यहूदियों को सबसे ज्यादा सम्मान भारत में मिला है।
- मुस्लिम समाज के कुल मिलाकर 72 फिरके हैं और सभी फिरके सिर्फ भारत में मिलते हैं, दुनिया के किसी भी देश में ये सारे फिरके नहीं मिलते हैं।
- धर्म निरपेक्ष शब्द का प्रयोग बंद होना चाहिए बल्कि पंथ निरपेक्ष शब्द का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
- पुलिस में भी पैरा मिलिट्री फोर्सेस में भी महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा।
- हम देश से छुआछूत को खत्म करके ही दम लेंगे।
- बाबा साहब ने कभी नहीं कहा कि वह देश छोड़कर दुनिया के किसी दूसरे देश में चले जायेंगे।
- पंडित नेहरू ने देश के प्रजातंत्र को मजबूत करने का काम किया था।
- बाबा साहब को संकीर्ण दायरे में नहीं देखना चाहिए, उन्हें दलित नेता कहकर उनका कद छोटा नहीं करना चाहिए।
- 42वां संशोधन किया गया और सोशलिस्ट और सेक्युलर शब्दों को प्रस्तावना में डाला गया
- संविधान निर्माताओं की सोच थी कि इसकी प्रस्तावना में कोई परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए।
- अगर आवश्यक होता तो बाबा साहब सोशलिस्ट और सेक्युलर शब्द को तभी डाल देते।












Click it and Unblock the Notifications