बंगाल पंचायत चुनाव में हुई हिंसा के बाद आज अमित शाह राज्यपाल आनंद बोस से करेंगे मुलाकात
पश्चिम बंगाल में बीते सप्ताह हुए पंचायत चुनाव के दौरान जमकर हिंसा हुई। इस हिंसा में कई लोगों की मौत हो गई है। वहीं अब बंगाल में चुनाव के दौरान हुई हिंसा के मद्देनजर सोमवार की शाम केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह नॉर्थ ब्लॉक में बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात करेंगे।

बता दें पश्चिम बंगाल में 8 जुलाई को पंचायत चुनाव हुए थे जिसमें जमरकर हिंसा हुई जिसमें कई लोगों की जान चली गई। वहीं सोमवार को कुछ बूथों पर दोबारा चुनाव हो रहा है।
पश्चिम बंगाल चुनाव मतदान के दिन हिंसा की कई घटनाएं सामने आईं, जिसका असर पूरे राज्य में पंचायत चुनावों पर पड़ा।
गौरतलब है कि बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस रविवार को दिल्ली पहुंच चुके हैं। जब वो कोलकाता से दिल्ली के निकल रहे थे तब यात्रा का कारण पूछे जाने पर बोस ने कहा था मैं ताजी हवा लेने के लिए दिल्ली जा रहा हूं, धन्यवाद।
पंचायत चुनावों के बीच दिल्ली पहंंचे राज्यपाल क्या वह हिंसा पर गृह मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपेंगे इसके जवाब में उन्होंने कहा जो उचित और आवश्यक होगा मैं वो करूंगा।
बता दें दिल्ली आने से पहले बंगाल गर्वनर ने कई हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था और हिंसा के पीड़ितों के परिवारों से बात की थी।
टीएममसी पर लगाया ये आरोप
पंचायत चुनावों में बोस और तृणमूल के बीच मतभेद जमकर रहा। जिसके बाद टीएमसी ने राज्य चुनाव निकाय में चार पन्नों की शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें राज्यपाल पर भाजपा के लिए प्रचार करने और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया।
बोस राज्य चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा पर अपने हमले और कानून एवं व्यवस्था को नियंत्रित करने में अपनी विफलत" को लेकर लगातार आक्रामक रहे हैं। बोस के आरोपों का तृणमूल ने प्रतिवाद किया, जिससे राजभवन और नबन्ना के बीच बेचैनी बढ़ गई है।
राज्यपाल ने सार्वजनिक रूप से ये आरेप लगने के बावजूद गर्वनर ने शनिवार को मतदान के दौरान उत्तर 24 परगना और नादिया जिलों का दौरा किया था।
नामांकन के समय से ही हो रही हिंसा
याद रहे जबसे पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव की तारीखों की घोषणा हुई तभी से पूरे प्रदेश में अराजकता भरा माहौल रहा।यहां तक कि कथित तौर बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने भाजपा और कांग्रेस समेत अन्य पंचायत प्रतिधियों को पंचायत चुनाव के लिए नामांकन किए जाने के समय भी जमकर बवाल किया। दूसरी पार्टियों के प्रतिनिधियों को आरोप थी कि टीएसी ने उन्हें नामांकन करने से रोकने के लिए मार-धाड़ की और धमकाया।












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