अमित शाह की इंटरपोल महासचिव से मुलाकात, भगोड़ों पर कसेगा सरकार का शिकंजा
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को इंटरपोल के सेक्रटरी जनरल जर्गन स्टॉक से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने इंटरपोल सेक्रेटरी के सामने रेड नोटिस जारी होने में देरी की चिंता जाहिर की। साथ ही भारत की ओर से कहा गया कि नोटिस जारी होने में देर होने के कारण आर्थिक और गंभीर अपराध में लिप्त अपराधी फरार हो जाते हैं। इस पर इंटरपोल को तत्परता दिखानी चाहिए।

इंटरपोल के महासचिव जर्गेन स्टॉक के साथ वार्ता में शाह ने नशा तस्करी, अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, काला धन और धनशोधन के खिलाफ दीर्घावधि रणनीतिक कार्ययोजना शुरू करने पर जोर दिया। गृह मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, गृहमंत्री ने रेड कॉर्नर नोटिस के प्रकाशन में हो रहे विलंब पर चिंता जताई और ऐसे नोटिसों के त्वरित प्रकाशन की आवश्यकता पर बल दिया। अमित शाह ने आतंकवादी गतिविधियों के आरोपी जाकिर नाइक जैसे भगोड़ों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने में हो रही देरी को लेकर इंटरपोल को अपनी चिंता से अवगत कराया।
इंटरपोल के महासचिव के साथ बैठक के दौरान अमित शाह ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ रणनीति बनाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। शाह ने भारत में इंटरपोल का ग्लोबल एकेडमी का रीजनल सेंटर स्थापित करने की भी इच्छा जताई। उन्होंने इसके लिए हर संभव मदद करने का आश्वासन भी दिया।
शाह ने स्टॉक को बताया कि इस तरह के सहयोग से हाई प्रोफाइल भगोड़े आर्थिक अपराधियों और आतंकवादियों के मामले में भारत अधिक सख्ती बरतता है। इस दौरान अमित शाह ने दिल्ली में जुर्गेन स्टॉक के समक्ष इंटरपोल महासभा की मेजबानी का प्रस्ताव रखा। शाह ने कहा कि साल 2022 में भारत अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाएगा। इस अवसर पर भारत इंटरपोल महासभा की मेजबानी करने का इच्छुक है।












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