शोपियां में हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकियों ने किया सेना की टीम पर हमला
गुरुवार को जम्मू कश्मीर के शोपियां में सेना पर हुआ आतंकी हमला हिजबुल मुजाहिद्दीन की साजिश। जांच में सामने आया सच आतंकियों ने 44 राष्ट्रीय राइफल्स की पेट्रोलिंग टीम पर किया था हमला।
श्रीनगर। गुरुवार को जम्मू कश्मीर के शोपियां में इंडियन आर्मी की 44-राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) यूनिट की पेट्रोलिंग टीम पर आतंकियों ने हमला कर दिया। इस हमले में सेना के तीन जवान शहीद हो गए तो एक महिला की मौत हो गई। हमले की जांच में सामने आया है कि इस आतंकी हमले को हिजबुल मुजाहिद्दीन ने अंजाम दिया है।

तड़के आतंकियों ने किया हमला
गुरुवार को शोपियां के मुलु चित्रागाम में सेना की 44 आरआर की पेट्रोलिंग टीम पर आतंकियों ने तड़के ग्रेनेड से हमला कर दिया था। सेना और आतंकियों के बीच फायरिंग शुरू हो गई और एक महिला ने दम तोड़ दिया। सेना की ओर से फायरिंग की गई लेकिन आतंकी भाग निकलने में कामयाब हो गए। आतंकियों की पहचान तारिक अहमद भट, जीनामुल इस्लाम, आबिद मंजूर, आसिफ अहमद और शौकत पीर के तौर पर की गई है। मंजूर, पुलवामा का रहने वाला है तो वहीं बाकी आतंकी शोपियां के ही हैं। हिजबुल मुजाहिद्दीन ने पिछले एक वर्ष से अपनी गतिविधियां जम्मू कश्मीर में बढ़ा दी हैं। संगठन की ओर से हाइवे पर कई पेट्रोलिंग टीम पर हमले किए गए हैं।
एक हफ्ते के अंदर तीसरा बड़ा हमला
सेना की ओर से कहा जा रहा है कि स्थानीय नागरिक आतंकियों की भागने में मदद कर रहे हैं। इंडियन आर्मी की ओर से लोगों से अपील भी की गई है कि वे एनकाउंटर वाली साइट से दूर रहें लेकिन कोई भी इसे सुनने को तैयार नहीं है। कई बार एनकाउंटर में पत्थरबाजी की वजह से आतंकियों को भागने में मदद भी मिलती है। आंकड़ों के मुताबिक एनकाउंटर के समय होने वाली पत्थरबाजी की वजह से अब तक करीब 25 आतंकवादी भागने में कामयाब हो गए हैं। 14 फरवरी को भी बांदीपोर में एक आतंकी हमला हुआ था जिसमें सेना के तीन जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद हंदवाड़ा में भी एक आतंकी हमला हुआ और यहां पर मेजर सतीश दाहिया शहीद हो गए था।












Click it and Unblock the Notifications