"हिन्दू रेप नहीं करते" बिलकिस बानो के सारे दोषी पहुंचे गांव, डर में जी रही Bilkis
Bilkis Banu Case: 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ हुए जघन्स अपराध के 11 दोषियों को उनके अच्छे आचरण का हवाला देते हुए सजा पूरा होने से पहले जेल से रिहा कर दिया। सभी दोषियों को 15 अगस्त के दिन बड़े सम्मान के साथ जेल से रिहा कर दिया गया और अब वो सभी अपने गांव में वापस पहुंच कर सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। वहीं बिलकिस बानो इन दिनों खौफ में जी रही है।

गांव से दूर डर के साये में रह रही है बिलकिस
एनडीटीवी में प्रकाशित खबर के अनुसार बिलकिस अपने दोषियों के खतरे से बचते हुए गांव से दूर डर के साये में रह रही है। याद रहे सभी दोषियों के गुजरात के दाहोद जिले के रंधिकपुर गांव में और उसके आसपास घर हैं, जहां मुश्किल से 4,000 लोग रहते हैं।

पैरोल पर आने पर दोषी ने गवाहों को कथित तौर पर धमकाया था
एनडीटीवी रिपोर्ट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया गया कि गोविंद नाई और इन लोगों में से कुछ अन्य लोगों ने पैरोल पर बाहर होने पर गवाहों को कथित तौर पर धमकाया था, फिर भी उन्हें "अच्छे व्यवहार" के लिए रिहा कर दिया गया। स्वतंत्रता दिवस पर रिहा होने से पहले पैरोल पर लगभग तीन साल बिताए थे।गोविंद नाई ने कथित तौर पर जुलाई 2017 में बिलकिस बानो मामले में उनके खिलाफ गवाही देने वाले दो लोगों को धमकी दी थी।

दोषी ने कहा - हिंदू बलात्कार नहीं करते
मीडिया ने 11 आजीवन कारावास के दोषियों में से एक गोविंद नाई जो अब अपने उसी गांव पहुंंच चुका है उससे जब एनडीवी ने इस बारे में बात की तो उसने तर्क दिया "हम निर्दोष हैं। क्या आपने एक चाचा और भतीजे को एक-दूसरे के सामने किसी के साथ बलात्कार करते देखा है? क्या यह हिंदू समुदाय में होता है? नहीं, हिंदू ऐसा नहीं करते हैं"।

उस रात के बाद से बिलकिस बानो गांव में रहने के लिए कभी नहीं आई
बता दें 2002 में उस डरावनी रात के बाद से बिलकिस बानो गांव में रहने के लिए कभी नहीं आई। उसका घर अब एक दुकान बन चुका है, जिसे उसने कपड़े बेचने वाली एक हिंदू महिला को किराए पर दिया है। बिलकिस बानो के घर के ठीक सामने एक बहुमंजिला घर है जहां राधेश्याम शाह को दोषी आकर रुकता है।

गवाहों को भी सता रहा खौफ
बता दें राधेश्याम शाह और आशीष के अलावा एक अन्य दोषी पर पैरोल पर बाहर रहने के दौरान एक महिला के साथ मारपीट करने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। उक्त मामले में शिकायतकर्ता, हिंदू बहुल गांव के मुस्लिम निवासी सबराबेन अयूब और पिंटू भाई अपने आरोपों पर कायम हैं, लेकिन कहते हैं कि वे अब डर में जी रहे हैं।

जानें बिलकिस बानो के साथ उस रात क्या हुआ था
बता दें 2002 में जब ये घटना हुई तब बिलकिस बानो की उम्र 21 साल की थी उस समय पांच महीने की गर्भवती थी। उसके साथ 14 लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया था और तब उसकी तीन साल की बेटी भी जिसे 2002 को दाहोद में एक भीड़ द्वारा मार डाला गया था। याद रहे ये तब हुआ था जब गोधरा में ट्रेन पर हमला किया गया था और 59 यात्रियों, मुख्य रूप से 'कार सेवकों' को जला दिया गया था। उस समय पीएम नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री थे। वहीं अब जब कुछ समय बाद गुजरात में चुनाव होने वाले हैं उससे पहले बिलकिस के 11 दोषियों को जेल से रिहा कर दिया गया है। तो इस रिहाई को चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है। वहीं 15 अगस्त को अपने दोषियों की जेल से रिहाई पर बिलकिस बानो ने एक बयान जारी किया था, कहा था पिछले 20 वर्षों के आघात ने मुझे फिर से धोया ... मैं अभी भी सुन्न हूं"।












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