Himachal Weather Update: शिमला-मनाली से लेकर मसूरी-केदारनाथ तक..जानिए कहां कैसा है मौसम, अभी जाना ठीक या नहीं?
Himachal Weather News, मानसून ने आते ही हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हाहाकार मचा दी है। हिमाचल और उत्तराखंड में हुए जोरदार बारिश के बाद भूस्खनल और बाढ़ जैसे स्थिति पैदा हो गई है। जिसके चलते सैंकड़ों पर्यटक फंस गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के मंडी और कुल्लू में बादल फटने से भारी तबाही देखने को मिल रही है। तो वहीं उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के बीच केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा को रोक दिया गया है।

हिमाचल का हाल:
अगर आप हिमाचल या उत्तराखंड में जाने की सोच रहे हैं तो पहले वहां के मौसम का हाल जान लीजिए। हिमाचल प्रदेश के मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले पांच दिन बारिश से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। प्रदेश में पांच दिन तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान कुछ जगहों पर बादल फटने जैसी घटनाएं भी घट सकती हैं। बुलेटिन में शिमला, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, मंडी और कुल्लू जिले में भारी दोपहर तीन बजे तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल के आईएमडी डायरेक्टर सुरेंद्र पॉल ने कहा कि, पिछले 24 घंटों में मंडी जिले में सबसे ज्यादा बारिश हुई है।अभी भी बारिश हो रही हे। यह स्थिति करीब 4-5 दिनों तक बनी रहेगी. आज और कल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बाद पर्यटन स्थल को जोड़ने वाले दो नेशनल हाईवे सहित 124 सड़कें जगह-जगह लैंडस्लाइड के चलते बंद हैं। चंडीगढ़-मनाली एनएच-21 सात मील और चार मील के पास 20 घंटे से बंद पड़ा है। मंडी-पंडोह के बीच कई जगह बार-बार चट्टानें खिसकने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रबंधन प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा ने बताया कि, राज्य के कई स्थानों पर भारी बारिश के कारण अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 10 लोग घायल हैं।303 जानवरों की मौत हो चुकी है। अभी पूरी रिपोर्ट का इंतजार है। बारिश से तीन करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। 124 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं जिनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि, 151 डीटीआर बाधित हो हुए हैं। 6 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से कई पर्यटकों को बचाया गया है। हम यहां आने वाले सभी पर्यटकों से अनुरोध करते हैं कि वे राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन द्वारा जारी सभी आवश्यक दिशानिर्देशों का पालन करें। कुल्लू-मंडी हाईवे पर भी भारी जाम लगा हुआ है। हाईवे को दोनों ओर 15 किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है। होटलों में कमरे भी उपलब्ध नहीं हैं।

उत्तराखंड में बारिश का तांडव
उत्तराखंड में रविवार को हुई भारी बारिश ने प्रदेश भर में जगह जगह कहर बरपाया है। रूद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिले में दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। बारिश से चार धाम को भी बुरी तरह से प्रभावित किया है। । बद्रीनाथ हाइवे अब भी बंद है। जबकि केदारनाथ में यात्रियों को जगह जगह रोका जा रहा है। गंगोत्री हाईवे भी रविवार को कई घंटों तक बाधित रहा।
चार धाम यात्रियों से मौसम और सड़कों का हाल देखकर ही यात्रा करने की अपील की गई है। बद्रीनाथ हाईवे नन्दानगर.नन्दप्रयाग सड़क मार्ग पर गणेशनगर व सैंतोली के बीच पहाड़ी से मलबा आने के कारण सड़क मार्ग अवरुद्ध है। बारिश के चलते केदारनाथ पैदल मार्ग भी दिक्कत आ रही है। यात्रियों को सोनप्रयाग में ही रोक दिया गया है। सोनप्रयाग में मैक्स के ऊपर पहाड़ी से पत्थर गिरने से चालक की मौके पर ही मौत हो गई।

मौसम विभाग ने 29 जून तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पर्वतीय जिलों में भूस्खलन से सड़कों और राजमार्ग के अवरुद्ध होने की आशंका भी जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 26 जून को प्रदेश के पर्वतीय जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और कई दौर की बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 27 और 28 जून को उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में बारिश का येलो अलर्ट है। 29 जून को भी प्रदेश भर में बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
अगर आप इन पहाड़ी राज्यों में आने की सोच रहे हैं तो पहले मौसम विभाग की चेतावनी को जरूर पढ़ें उसके बाद यात्रा का निर्यण लें। अगर जरूरी नहीं हैं तो बारिश के इस मौसम में यात्रा को स्थिगित कर सकते हैं।












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