हिमाचल प्रदेश चुनाव: 82 प्रतिशत लोगों ने माना विकास है चुनावी मुद्दा
हिमाचल के वोटरों को किसके वादे अच्छे लग रहे हैं और किनके वादों पर उनको ऐतबार नहीं है
नई दिल्ली।हिमाचल प्रदेश में चुनावी बिगुल बज चुका है। सियासी दिग्गज अपने-अपने तरीके से वोटरों को रिझा रहे हैं। सियासी कसरत जबर्दस्त तरीके से चल रहा है। विधानसभा चुनाव बेहद नजदीक है। बीजेपी-कांग्रेस दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियां पूरे दमखम के साथ प्रचार में जुटी हैं। इस बीच सवाल है कि आखिर हिमाचल के दिल में क्या है।
हिमाचल के वोटरों को किसके वादे अच्छे लग रहे हैं और किनके वादों पर उनको ऐतबार नहीं है। इंडिया टुडे के एक सर्वे के मुताबिक हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बहुमत के साथ 43 से 47 सीटें मिलने की उम्मीद जताई जा रही है तो वहीं सत्ता में बैठी कांग्रेस को इस बार नुकसान होने की उम्मीद है। इस सर्वे में सैंपल साइज 6936 रखा गया है। ये सर्वे 25 सितंबर से 8 अक्टूबर के बीच कुल 68 सीटों पर किया गया है। इस सर्वे में हिमाचल की जनता ने विकास को सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बताया है।

हिमाचल के सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?
विकास- 82 प्रतिशत
रोजगार- 7 प्रतिशत
सड़क- 4 प्रतिशत
CM उम्मीदवार- 3 प्रतिशत
हिमाचल में कानून व्यवस्था की स्थिति?
अच्छी- 57 प्रतिशत
खराब- 40 प्रतिशत
नहीं पता/ कह नहीं सकते- 3 प्रतिशत
GST लागू होने से हिमाचल प्रदेश संतुष्ट है?
हां- 55 प्रतिशत
नहीं- 32 प्रतिशत
नहीं पता/नहीं कह सकते- 13 प्रतिशत
क्या नोटबंदी से फायदा हुआ है?
हां- 59 प्रतिशत
नहीं- 27 प्रतिशत
नहीं पता/नहीं कह सकते- 14 प्रतिशत
आप पीएम के रूप में नरेंद्र मोदी के काम से संतुष्ट हैं?
बहुत अच्छा- 22 प्रतिशत
अच्छा- 48 प्रतिशत
खराब- 18 प्रतिशत
बहुत खराब- 12 प्रतिशत
गौरतलब है कि 12 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने सिर्फ हिमाचल प्रदेश के लिए विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी। 68 सदस्यीय हिमाचल विधानसभा के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 23 अक्टूबर है। नामांकनों की जांच 24 अक्तूबर को होगी तथा 26 अक्तूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 9 नवंबर को होगा। हिमाचल प्रदेश में सभी 7,521 मतदान केंद्रों पर VVPAT वाली वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा और सभी पोलिंग बूथों की वीडियोग्राफी होगी।












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