विकास के मॉडल के रूप में उभरा हिमाचल प्रदेश, मोदी सरकार की योजनाओं का मिला फायदा

हिमालय की गोद में बसा सुंदर प्रदेश हिमाचल बीते कुछ सालों में विकास के मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। यहां की सड़कें अब संकरी और घुमावदार नहीं, बल्कि सीधी और सपाट हो गई हैं।

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर काफी निर्भर है। यही वजह है कि बीते सालों में यहां की सड़कों की हालत को ना सिर्फ सुधारा गया है बल्कि उन्हें डबललेन और फोरलेन किया गया है।

Modi government

चाहे वो अटल टनल हो या ग्रांफू-समदो सड़क का चौड़ीकरण या फिर पिंजौर-नालागढ़ चार-लेन निर्माण, ये केंद्र सरकार की ओर हिमाचल को दी गई वो सौगातें है जो प्रदेशवासियों के जीवन को और आसान बना रही हैं।

समुद्र तल से 10,044 फीट की ऊंचाई पर गुजरने वाली अटल टनल को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने दुनिया की सबसे लंबी यातायात सुरंग का सम्मान दिया है। इस सुरंग की लंबाई 9.02 किलोमीटर है।

अटल टनल के निर्माण से ना केवल हिमाचल में पर्यटन और विकास को नए पंख लगे हैं बल्कि ये लाहौल स्पीति के लोगों के लिए वरदान साबित हुई है। अटल टनल के निर्माण से जो सफर पहले करीब 6 घंटे में तय होता वो घटकर सिर्फ 45 मिनट से लेकर एक घंटे का रह गया है। अटल टनल बनने के बाद मनाली से लेह की दूरी करीब 45 किमी कम हुई है। 3 अक्तूबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल टनल रोहतांग का उद्घाटन किया था।

ग्रांफू-समदो हाइवे

काजा ग्रांफू हाईवे वो रास्ता है जो चीन की सीमा तक सेना की पहुंच को आसान बनाती है। यही वजह है कि इस हाइवे की ना केवल हालत सुधारी जा रही है बल्कि इसे डबललेन भी किया जा रहा है।

23 जनवरी 2024 को मोदी सरकार ने रणनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण 1400 करोड़ के समदो काजा ग्रांफू हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। ग्रांफू-काजा हाईवे के समदो तक दो-लेन बनने से भारतीय सेना चीन बॉर्डर पर स्थित समदो तक महज चार घंटे में पहुंच सकेगी। 203 किमी ग्रांफू-काजा-समदो सड़क का काम चार चरणों में होगा। इसमें बातल से लोसर और लोसर से काजा के बीच दो चरणों का निर्माण कार्य सीमा सड़क संगठन यानि बीआरओ ने शुरू कर दिया है। इसकी दूरी करीब 90 किलोमीटर है।

ग्रांफू-काजा हाईवे के समदो तक दो-लेन होने से ना सिर्फ कम समय में समदो पहुंचा जा सकेगा बल्कि इससे लाहौल स्पीति में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ये लाहौल स्पीति की आदिवासी बेल्ट के लिए भी वरदान साबित होगी।

पिंजौर-नालागढ़ फोरलेन

पिंजौर-नालागढ़ फोरलेन नेशनल हाईवे को औद्योगिक दृष्टि से राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस फोरलेन से यातायात तो बेहतर होगा ही साथ ही उद्योगों को भी रफ्तार मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने 5 अक्टूबर 2022 को 1690 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 31 किलोमीटर इस नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी। 31 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन में 17 किलोमीटर फोरलेन हिमाचल में बद्दी से नालागढ़ तक बनेगा जबकि 14 किलोमीटर हरियाणा में बनेगा।

ये हिमाचल प्रदेश को मोदी सरकार की ओर से मिली ये वो सौगातें है जिन्होंने प्रदेश की दशा और दिशा पूरी तरह से बदल कर रख दी है। साल 2014 में मोदी सरकार आने के बाद से हिमाचल प्रदेश का कायाकल्प होना शुरू हुआ और बीते 10 सालों में हिमाचल प्रदेश में बहुत कुछ बदल गया है। प्रदेश में विकास कार्यों की झड़ी लगी हुई है। राष्ट्र प्रथम की विचारधारा और सबका साथ सबका विकास के प्रण के साथ मोदी सरकार निरंतर सफलता के नए अध्याय लिख रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+