जानिए क्या खास रहा नरेंद्र मोदी की दिल्ली रैली में

- दिल्ली में भाजपा के पास विजय ही विजय हैं। विजय मल्होत्रा, विजय गोयल, आदि।
- दिल्ली में कई सरकारें चल रही हैं, कहीं मां की सरकार तो कहीं बेटे की सरकार।
- साझा सरकार गणित से बनती है, लेकिन चलती केमिस्ट्री से है।
- कांग्रेसी दल पास-पास तो हैं, लेकिन साथ-साथ कतई नहीं हैं।
- अफसोस होता है कि हमारे प्रधानमंत्री सरदार हैं, लेकिन असरदार नहीं हैं।
- दिल्ली की सीएम की जॉब सबसे आसान। वो सिर्फ रिबन काटती फिरती हैं। कुछ बड़ा हुआ तो जिम्मेदारी केंद्र की, छोटा हुआ तो कॉर्पोरेशन की।
- कॉमनवेल्थ घोटाला करके कांग्रेसियों ने देश की इज्जत लूटी है। उसने हमारे आने वाले भविष्य में खेलों के आयोजनों को छीन लिया है।
- सुप्रीम कोर्ट लगातार कांग्रेसियों के खिलाफ फैसले सुना रहा है, लेकिन ये लोग शराबी की तरह नशे में चूर हैं।
- यूपीए इस समय गांधी भक्ति में व्यस्त है। नोटों पर छपे गांधीजी की पूजा कर रही है।
- आज का युवा नौकरी चाहता है। एनडीए ने 6 करोड़ लोगों को रोजगार दिया था, जबकि यूपीए ने मात्र 27 को रोजगार दिया है।
- प्रधानमंत्री ओबामा के सामने अपने देश की गरीबी की मार्केटिंग कर रहे हैं। उन्हें शर्म आनी चाहिये।
- पीएम उसी फिल्म निर्माता की तरह काम कर रहे हैं, जो भारत की गरीबी पर फिल्म बनाता है और विदेशों में बेच कर अवार्ड ले आता है।
- देश जानना चाहता है कि नवाज शरीफ से आज हमारे प्रधानमंत्री क्या कहेंगे।
- नवाज शरीफ आपकी औकात क्या है। आपने हमारे प्रधानमंत्री को देहाती औरत कैसे बोला। हम घर के अंदर चाहे जितना लड़ें, लेकिन
- बाहर वाला हमारे ऊपर उंगली उठाये, यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।
- क्या प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से सैनिकों के कटे हुए सिर ला पायेंगे।
- प्रधानमंत्री की अगर इज्जत का फलूदा बन रहा है, तो वो सिर्फ कांग्रेस के उपाध्यक्ष की वजह से। उन्होंने ही पीएम की पगड़ी उछाली है।
- देश को अब डर्टी टीम नहीं, ड्रीम टीम की जरूरत है।
- यूपीए सरकार के पास कोई विजन नहीं है। आप कोई भी बजट या योजना उठाकर देख लीजिये।












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