Man ki baat Highlights: जानिए मन की बात में क्या-क्या बोले पीएम मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के माध्यम से देश को संबोधित कर रहे हैं। यह 'मन की बात' कार्यक्रम का 68वां संस्करण है। कार्यक्रम 'मन की बात' को देशभर में आकाशवाणी और दूरदर्शन नेटवर्क पर प्रसारित किया जाएगा। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 26 जुलाई को 'मन की बात' कार्यक्रम के 67 वें संस्करण के तहत देश को संबोधित किया था। इस कार्यक्रम के लिए पीएम मोदी ने बीते 18 अगस्त को ट्वीट कर देशभर में लोगों से मन की बात कार्यक्रम के लिए इनपुट्स और विचारों को साझा करने की अपील की थी। आईए जानते हैं पीएम मोदी के 'मन की बात' की हाईलाइट्स
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- मन की बात में पीएम मोदी ने कोरोना को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि कोरोना तभी हारेगा जब आप सुरक्षित रहेंगे, जब आप 'दो गज की दूरी, मास्क जरुरी', इस संकल्प का पूरी तरह से पालन करेंगे। आप सब स्वस्थ रहिए, सुखी रहिए, इन्हीं शुभकामनाओं के साथ अगली 'मन की बात' में फिर मिलेंगे।
- पीएम ने कहा कि आज, देश में, हर जगह कुछ न कुछ इनोवेशन हो रहे हैं। शिक्षक और छात्र मिलकर कुछ नया कर रहे हैं। मुझे भरोसा है जिस तरह देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिये एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है, हमारे शिक्षक इसका भी लाभ छात्रों तक पहुचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
- पीएम मोदी ने कहा कि पूरे देश में सितम्बर महीने को पोषण माह (न्यूट्रिशन मंथ) के रूप में मनाया जाएगा। नेशन और न्यूट्रिशन का बहुत गहरा सम्बन्ध होता है। हमारे यहां एक कहावत है- 'यथा अन्नम तथा मन्न्म' यानी जैसा अन्न होता है, वैसा ही हमारा मानसिक और बौद्धिक विकास भी होता है। पोषण या न्यूट्रिशन का मतलब केवल इतना ही नहीं होता कि आप क्या खा रहे हैं, कितना खा रहे हैं, कितनी बार खा रहे हैं । इसका मतलब है आपके शरीर को कितने जरुरी पोषक तत्व मिल रहे हैं। यह बहुत आवश्यक है कि हमारी आज की पीढ़ी, हमारे विद्यार्थी, आजादी की जंग में हमारे देश के नायकों से परिचित रहे, उसे उतना ही महसूस करें।
- पीएम ने कहा कि बच्चों के जीवन के अलग-अलग पहलू पर खिलौनों का जो प्रभाव है, इस पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी बहुत ध्यान दिया गया है। खेल-खेल में सीखना, खिलौने बनाना सीखना, खिलौने जहां बनते हैं वहां की विजिट करना, इन सबको करिकुलम का हिस्सा बनाया गया है। मन की बात में उन्होंने कहा कि अब सभी के लिए लोकल खिलौनों के लिए वोकल होने का समय है। आइए, हम अपने युवाओं के लिये कुछ नए प्रकार के अच्छी क्वालिटी वाले खिलौने बनाते हैं। उन्होंने कहा कि खिलौना वो हो जिसकी मौजूदगी में बचपन खिले भी, खिलखिलाए भी। हम ऐसे खिलौने बनाएं, जो पर्यावरण के भी अनुकूल हों। पीएम ने आगे कहा कि हमारे देश में इतने आइडियाज हैं, इतने कॉन्सेप्ट्स हैं, बहुत समृद्ध हमारा इतिहास रहा है। क्या हम उन पर गेम्स बना सकते हैं? मैं देश के युवा टैलंट से कहता हूं, आप भारत में भी गेम्स बनाइए और भारत के भी गेम्स बनाइए। कहा भी जाता है - Let the games begin! तो चलो, खेल शुरू करते हैं!
- पीएम मोदी ने कहा कि मैं 'मन की बात' सुन रहे बच्चों के माता-पिता से क्षमा मांगता हूं क्योंकि हो सकता है, उन्हें अब ये 'मन की बात' सुनने के बाद खिलौनों की नई-नई डिमांड सुनने का शायद एक नया काम सामने आ जाएगा। खिलौने जहां ऐक्टिविटी को बढ़ाने वाले होते हैं, तो खिलौने हमारी आकांक्षाओं को भी उड़ान देते हैं। खिलौने केवल मन ही नहीं बहलाते, खिलौने मन बनाते भी हैं और मकसद गढ़ते भी हैं।
- पीएम मोदी ने कहा- हमारे देश में इस बार खरीफ की फसल की बुआई पिछले साल के मुकाबले 7% ज्यादा हुई है। धान इस बार 10%, दालें 5%, मोटे अनाज लगभग 3%, ऑयलसीड लगभग 13%, कपास लगभग 3% बोए गए हैं। इसके लिए मैं देश के किसानों को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि किसानों की शक्ति से ही तो हमारा जीवन, हमारा समाज चलता है। हमारे पर्व किसानों के परिश्रम से ही रंग-बिरंगे बनते हैं।
- कोरोना काल में नागरिकों में अपने दायित्वों का एहसास, हर तरह के उत्सवों में लोग संयम बरत रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा देश में हो रहे हर आयोजन में जिस तरह का संयम और सादगी इस बार देखी जा रही है, वो अभूतपूर्व है।












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