आखिर क्यों सीबीआई कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से करना चाहती है पूछताछ?

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में जिस तरह से सीबीआई और ममता सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है उसने देश के भीतर सियासी हलचल को बढ़ा दिया है। सीबीआई के पांच अधिकारियों को कोलकाता पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद से सीबीआई और ममता सरकार के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। यह पूरा ड्रामा उस वक्त शुरू हुआ जब कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से शारदा चिट फंड मामले में सीबीआई उनके घर पूछताछ करने के लिए पहुंची थी। लेकिन इन सब के बीच सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर क्यों सीबीआई कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करना चाहती है।

इस वजह से सीबीआई करना चाहती है पूछताछ

इस वजह से सीबीआई करना चाहती है पूछताछ

सीबीआई की शीर्ष सूत्रों की मानें तो राजीव कुमार जिस वक्त शारदा चिट फंड मामले की जांच कर रही एसआईटी के मुखिया थे तो उस दौरान उन्होंने इस मामले से जुड़े कुछ अहम दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्दश के बाद सीबीआई ने राजीव कुमार से इन दस्तावेजों को जमा करने को कहा था। लेकिन एसआईटी ने जो दस्तावेज सीबीआई को सौंपा उसमे कुछ अहम कागज जमा नहीं किए गए। सीबीआई अधिकारी का कहना है कि हमने जबसे इस मामले को अपने हाथ में लिया है उसके बाद हम एसआईटी से कुछ दस्तावेजों को लेकर पूछताछ करना चाहते थे। यह केस सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई को 2014 में सौंपा गया था ।

अहम दस्तावेज लापता

अहम दस्तावेज लापता

सीबीआई अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान हमे इस बात की जानकारी मिली कि एसआईटी ने जो दस्तावेज हमे दिए हैं उसमे से कुछ अहम दस्तावेज लापता हैं, हमे इस बात का शक है कि दस्तावेजों को साथ छेड़छाड़ भी की गई है। इसी के बारे में पूछताछ करने के लिए हम एसआईटी के सदस्यों से पूछताछ करना चाहते थे, जिसमे राजीव कुमार भी शामिल हैं। सीबीआई ने राजीव कुमार को एक के बाद एक कई समन भेजे लेकिन राजीव कुमार ने इसका जवाब नहीं दिया, जिसके बाद सीबीआई राजीव कुमार के घर पर उनसे पूछताछ करने के लिए पहुंची थी।

कोई अधिकारी पूछताछ में शामिल नहीं हुआ

कोई अधिकारी पूछताछ में शामिल नहीं हुआ

अगस्त 2018 में सीबीआई ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी को शारदा चिट फंड मामले में पत्र लिखा था। इस पत्र में सीबीआई ने कहा था कि हम एसआईटी के सभी सदस्यों से पूछताछ करना चाहते हैं जोकि सीबीआई से पहले इस मामले की जांच कर रहे थे। पत्र में यह भी कहा गया था कि एसआईटी के सदस्यों से पूछताछ आपकी पसंद की जगह और समय पर होगी, लेकिन एसआईटी का एक भी अधिकारी सीबीआई पूछताछ में शामिल नहीं हुआ।

ममता सरकार ने किया SIT का गठन

ममता सरकार ने किया SIT का गठन

आपको बता दें कि शारदा चिट फंड घोटाले की जांच के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार ने 2013-2014 में एसआईटी का गठन किया था। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया था। बता दें कि सीबीआई की टीम जब राजीव कुमार के घर पहुंची तो सीबीआई के अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया। लेकिन उसके बाद से ममता बनर्जी धरने पर बैठ गई हैं।

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