यूपी में कांग्रेस को जिंदा करने के लिए प्रियंका गांधी ने तोड़ी दशकों की परंपरा
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लखनऊ। प्रियंका गांधी ने पूर्वी यूपी की कमान संभालने के बाद लगातार प्रदेश में एक के बाद पदाधिकारियों से मिल रही हैं और पार्टी को मजबूत करने की कोशिश में जुटी हैं। मंगलवार को जब प्रियंका के पति रॉबर्ट वाड्रा को जयपुर में ईडी के सामने पेश होना था तो आनन-फानन में प्रियंका पति वाड्रा के साथ पहुंची और उसी दिन वापस लखनऊ लौट आईं। मंगलवार देर रात तक उन्होंने कांग्रेस कमिटी की बैठक में हिस्सा लिया और आगामी चुनाव में पार्टी की जीत को लेकर मंथन किया।

चार दिन से लखनऊ में
ऐसा पहली बार है जब गांधी परिवार का कोई नेता लगातार चार दिन तक लखनऊ में रुका हो। यूं तो प्रियंका पिछले 20 वर्षों में रायबरेली और अमेठी का अक्सर दौरा करती रहती थीं लेकिन वह पिछले चार दिनों से लगातार लखनऊ में डटी हुई हैं। वह पार्टी की संभावनाओं को बेहतर करने के लिए अपने भाई राहुल गांधी के साथ मजबूती से जुटी हैं। जिस रह से प्रियंका गांधी को यह जिम्मेदारी दी गई है और वह लखनऊ में डटी हुई हैं उससे साफ है कि कांग्रेस ने प्रदेश में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

इतिहास में पहली बार
कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रमोद तिवारी का कहना है कि मैंने कभी भी ऐसा नहीं देखा है कि गांधी-नेहरू के परिवार के किसी भी सदस्य ने चार राते लखनऊ में गुजारी हों। बता दें कि कांग्रेस प्रदेश में कुल 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है, खुद राहुल गांधी ने इस बात का ऐलान किया है कि प्रदेश में सभी सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ेगी। जिस तरह से सपा-बसपा के बीच गठबंधन में कांग्रेस को दरकिनार किया गया उसके बाद राहुल गांधी ने सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था।

लोगों में उत्साह
स्थानीय कांग्रेस विधायक दीपक सिंह ने बताया कि जिस तरह से प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने लखनऊ में रोड शो किया उसके बाद लोगों में जबरदस्त उत्साह है। पार्टी के कार्यकर्ता नए जोश से लबरेज हैं। प्रियंका गांधी ने हमसे मुलाकात के दौरान सभी से काम के बारे में विस्तार से चर्चा की। पार्टी के नेता का कहना है कि प्रियंका गांधी ने 18-18 कार्यकर्ताओं के ग्रुप से एक एक करके बात की जोकि हर संसदीय क्षेत्र से आए थे।

44 सीटों पर जिम्मेदारी
आपको बता दें कि प्रियंका गांधी को 41 लोकसभा सीटों पर पार्टी ने जिम्मेदारी सौंपी है। जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी आता है। साथ ही योगी आदित्यनाथ का संसदीय क्षेत्र गोरखपुर, अमेठी और रायबरेली भी इसके तहत आता है।
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