अगर हेमा मालिनी ने दिखाई होती इंसानियत तो बच जाती बच्ची की जान
नयी दिल्ली। अभिनेत्री से भाजपा सांसद बनी हेमा मालिनी के साथ राजस्थान के दौसा में हुए हादसे में 2 साल की बच्ची की मौत हो गई है। उनकी मां और उसका 6 साल का भाई सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं। हादसे में हेमा मालिनी भी जख्मी हुई, लेकिन उन्होंने घटना के बाद मानवता नहीं दिखाई।

माना कि वो खुद दर्द में थी, लेकिन उन्होंने बाकी घायल हुए पीड़ितों के लिए बदर्दी दिखाई उसकी वजह से दो साल की बच्ची की मौत हो गई। हेमा 5 लोगों को घटनास्थल पर ही छोड दिया और जयपुर चली गईं। हेमा मालिनी ने हादसे के बाद अपना फर्ज नहीं निभाया। हादसा भयानक था। हेमा मालिनी की मर्सिडीज और पीड़ित परिवार की ऑल्टो से टकरा गई।
हादसे के बाद हेमा तो इलाज के लिए स्थानीय शख्स की सफारी में सवार होकर जयपुर चली गई, लेकिन दो मासूम और बाकी के तीन लोग वहीं सडक पर तड़पते हुए छोड़ दिया। चोट हेमा को भी लगी थी, लेकिन जख्म उतना गहरा नहीं था। अगर हेमा अपने साथ घायल बच्ची को भी इलाज के लिए जयपुर के फोर्टिस अस्पताल ले जाती तो उसकी जान भी बच सकती थी।
हेमा की इस अमानवीय व्यवहार पर लोगों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हो रही है। बच्ची की मां भी अपनी मासूम की मौत के लिए हेमा मालिनी को जिम्मेदार ठहरा रही है। ऐसे में सवाल ये कि क्या हेमा को अपना फर्ज नहीं निभाना चाहिए था?












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