भारी बारिश से बंगाल, मणिपुर, गुजरात में तबाही, 130 लोगों की मौत
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। पिछले 18 घंटों से ज्यादा समय से लगातार हो रही बारिश ने पश्चिम बंगाल में बाढ़ की समस्या को और विकराल बना दिया है। रविवार को पश्चिम बंगाल में बारिश से 7 लोगों की मौत हो गई। इसतरह बाढ़ से मरने वालों की संख्या 50 से अधिक हो गई है। पुलिस के मुताबिक, रविवार को उत्तर परगना के बारासात में बिजली गिरने से चार बच्चों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। रात भर बारिश होने से कई इलाकों में कमजोर मकान ढह गए हैं।

एक मकान का एक हिस्सा गिर जाने से एक वृद्ध की मौत हो गई। मुर्शिदाबाद जिले में एक दीवार गिर जाने से दो साल के एक बच्चे की मौत हो गई। बांकुरा में भी एक व्यक्ति की मौत हुई है। बारिश से राज्य के 12 जिलों में बाढ़ आ गई है और करीब दो लाख मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके कारण एक लाख से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विभिन्न जिलों के अधिकारियों से मुलाकात की है और उत्तर बंगाल का दौरा फिलहाल रद्द कर दिया है।

बनर्जी ने कहा, "कई जिले प्रभावित हुए हैं, जिनमें उत्तर और दक्षिण 24 परगना, मुर्शिदाबाद, बर्दवान और हावड़ा शामिल हैं। आपदा प्रबंधन दल युद्धस्तर पर काम कर रहा है।" उन्होंने कहा कि 2.10 लाख हेक्टेयर से अधिक खेतों में फसल चौपट हो गई है।
गुजरात में बाढ़ से कई जिले प्रभावित
उत्तरी गुजरात में बाढ़ और भारी बारिश से मरने वालों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है। राज्य आपातकाल कंट्रोल रूम के अधिकारियों के अनुसार सबसे ज़्यादा प्रभावित बनासकांठा ज़िले में 28 लोग मारे गए हैं। एनडीआरएफ़, बीएसएफ़, और राज्य रिज़र्व पुलिस की 14 टीमों के अलावा वायुसेना के पांच हेलिकॉप्टर राहत और बचाव कार्यों में लगे हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से गुजरात के कई इलाक़ों में भारी बारिश हो रही है।

मणिपुर में भारी तबाही
मणिपुर में म्यांमार सीमा के निकट हुए भू-स्खलन में 21 लोगों की मौत हो गयी। थाउबल जिला जलमग्न है। चंदेल के कुछ भाग भी बाढ़ में डूब गये हैं। बाढ़ के कारण यहां के चार जिले काफी प्रभावित हुए हैं, लेकिन सबसे बुरा हाल चंदेल और थोबल का है।

चंदेल ज़िले में बाढ़ के चलते ज़मीन धंस गई, जिससे यहां 21 लोगों की मौत हो गई। कहा जा रहा है कि पिछले तीन दशक में मणिपुर में आई ये सबसे भयानक बाढ़ है।












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