Heatwave: बढ़ती गर्मी के कारण महाराष्ट्र में बदला स्कूलों का समय, केंद्र सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश
Heatwave News: मार्च का महीना खत्म होने वाला है, लेकिन देश के कई राज्यों में अभी से जून-जुलाई वाली गर्मी पड़ने लगी है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Govt) ने राज्य के सभी स्कूलों की टाइमिंग बदल दी है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश के मुताबिक, सभी स्कूलों का समय सुबह के सत्र में होगा।
प्राथमिक विद्यालय सुबह 7:00 बजे से 11:15 बजे तक संचालित होंगे, जबकि माध्यमिक विद्यालय सुबह 7:00 बजे से 11:45 बजे तक संचालित होंगे। यह आदेश राज्य के सभी स्कूलों पर लागू हैं, चाहे वे प्राइवेट हों या फिर सरकारी। सभी स्कूलों को अब सरकार द्वारा तय की गई नई टाइमिंग पर ही बच्चों की कक्षाएं चलाने का आदेश है।

इस बीच भीषण गर्मी को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिससे गर्मी से होने वाली बीमारियों और आपतकालीन स्थितियों से समय रहते निपटा जा सके। केंद्र सरकार ने हीटस्ट्रोक (heatstroke) और हेल्थ गाइडलाइन का पालन करने के लिए कहा है।
इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने सभी राज्यों को पत्र जारी किया है। पत्र में सभी दिशा-निर्देशों को ज़िलों तक पहुंचाने और सभी अस्पतालों तथा स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रखने के निर्देश दिए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल से जुलाई तक देश के 20 राज्यों में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है।
भीषण गर्मी को देखते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि भीड़भाड़ वाले आयोजनों में मेडिकल टीमें तैनात की जाए। जिनके पास ओआरएस घोल और बर्फ के पैक्स मौजूद हो। जहां संभव हो वहां सौर पैनल स्थापित किए जाए। निर्बाध बिजली की व्यवस्था हो, जिससे एसी, पंखे चालू रहे। इतना ही नहीं, खिड़कियों पर पर्दे लगाने होंगे।
गर्मी से बचाव के लिए कूलिंग यूनिट्स और छायादार स्थानों की व्यवस्था की जाएगी। गंभीर मामलों के लिए हीटस्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट्स स्थापित किए जाएंगे। अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट कराए जाएंगे और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इतना ही नहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को चेतावनी दी है कि दोपहर 12 से 3 बजे तक सीधे धूप में जाने से बचें।
क्योंकि, यह समय दिन का सबसे गर्म होता है। पत्र में कहा गया है कि सार्वजनिक आयोजन के दौरान 500 लोगों पर कम से कम दो लीटर पानी का स्टॉल होना आवश्यक है। भीषण गर्मी से होने वाली मौतों की निगरानी के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। किसी भी व्यक्ति की लू या गरमी से मौत होने पर उसका पोस्टमार्टम अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
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