Heatwave छुड़ा रही पसीना, आउटडोर गतिविधियों पर लगाम की सलाह, लू से बचाव के पांच आसान उपाय जानिए
Heatwave भारत में लोगों का पसीना छुड़ाने लगा है। इस भीषण गर्मी में इंसानों के साथ-साथ मवेशी भी जान बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। जानिए पांच ऐसे टिप्स जिनसे गर्मी से राहत और लू को मात दी जा सकती है।

Heatwave का कहर अप्रैल के दूसरे हफ्ते से ही दिखने लगा है। स्कूलों में समय बदले जा रहे हैं। इस बदलते सीजन में प्रचंड गर्मी से बचना बेहद चुनौतीपूर्ण है। गर्मी का मुकाबला कैसे करें, इस सीजन में सेहतमंद रहने के लिए ये जानना काफी अहम है।
तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसमें तत्काल कोई राहत मिलने की संभावना नहीं। ऐसे में आने वाले दिनों में बढ़ते तापमान के साथ-साथ खुद को लू-लहर से कैसे बचाएं? शरीर का तापमान कैसे नियंत्रित रखें? जानिए इन सवालों के जवाब
यदि आपके आसपास कोई गर्म मौसम के दौरान उच्च तापमान से असहज और अस्वस्थ महसूस करता है, तो यह हीटस्ट्रोक हो सकता है। गर्म मौसम में मुकाबला करने के लिए टिप्स-
- जितना हो सके तो गर्मी से दूर रहें, तापमान को कंट्रोल करने का प्रयास करें।
- अगर बाहर जाना बहुत जरूरी है, विशेष रूप से सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच, तो प्रयास करें कि सनस्क्रीन, टोपी और गमछा-तौलिया जैसे हल्के कपड़ों का भी इस्तेमाल करें।
- ऐसे व्यायाम या शारीरिकगतिविधि से बचें जिससे शरीर का तापमान बढ़ता है, यानी शरीर गर्म होता है।
- बॉली टेंप्रेचर कंट्रोल करने के लिए ठंडा भोजन और पेय पदार्थों का सेवन करें।
- शराब, कैफीन और गर्म पेय से बचें। ठंडे पानी से स्नान करें तापमान गर्म होने पर पानी भरकर थोड़ी देर रखा जा सकता है। अपनी त्वचा या कपड़ों पर ठंडा पानी डालें।
- अपने रहने की जगह को ठंडा रखें। दिन में खिड़कियां बंद रखें। रात में बाहर का तापमान कम होने पर ही खिड़कियों को खोलें।
अगर तापमान 35 डिग्री से कम है तो बिजली वाले पंखे की मदद ले सकते हैं। कमरों के तापमान की जांच करें, खासकर जहां अधिक जोखिम वाले लोग रहते हैं और सोते हैं।
हीटवेव यानी इंसान का शरीर जितना तापमान बर्दाश्त कर सके, उससे अधिक गर्म मौसम। गर्मी के मौसम में चलने वाली गर्म हवाएं यानी लू के थपेड़े काफी जोखिम भरे होते हैं। इस समय खुद को सुरक्षित रखने की तैयारी कैसे करें ये जानना बहुत जरूरी है।
हीटवेव से प्रभावित होने के प्रमुख कारण-
- पर्याप्त पानी नहीं पीना (Dehydration)
- जिन लोगों को दिल या सांस लेने की बीमारी है, ये समय उनके लिए एक्सट्रा अलर्ट रहने का है।
- गर्मी के कारण थकावट होने पर हीटस्ट्रोक और भी घातक हो सकता है।
सबसे ज्यादा खतरा किसे है?
- लू किसी को भी प्रभावित कर सकती है, लेकिन सबसे कमजोर माने जाने वाले लोगों में सबसे ऊपर वृद्ध लोग हैं।
- विशेष रूप से 75 वर्ष से अधिक आयु के लोग और महिलाओं को हीट स्ट्रोक तेजी से प्रभावित करता है।
- केयर होम जैसी जगहों पर अकले रहने वाले लोग भी संवेदनशील।
- जिन लोगों को हृदय या फेफड़ों की बीमारी है।
- मधुमेह, गुर्दे की बीमारी, पार्किंसंस रोग या कुछ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी जो लंबे समय से है।
- जो लोग रेगुलर कई दवाएं खाते हैं। उन्हें गर्म मौसम से बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।
- स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ बहुत छोटे बच्चे।
- नशीली दवाओं या शराब की लत वाले या अल्जाइमर रोग वाले
- जो लोग बाहर या गर्म स्थानों में बहुत समय बिताते हैं।
- अपार्टमेंट्स में ऊपर की मंजिल वाले फ्लैट में रहने वाले लोग। बेघर जनता या आउटडोर में काम करने वाले लोग।
लू के दौरान, सामान्य से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ते हैं। हीटस्ट्रोक के कारण मौत की खबरें भी आती हैं। अप्रैल का दूसरा हफ्ता खत्म हो गया है। मौसम लगातार गर्म होता जा रहा है। इस समय सुनिश्चित करें कि हीटवेव कम से कम नुकसान पहुंचाए।












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