नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया-राहुल गांधी को राहत, सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका ठुकराई
आज सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा नेशनल हेराल्ड केस को लेकर दायर की गई याचिका की सुनवाई दिल्ली कोर्ट में होनी है। बचाव पक्ष के वकील ने स्वामी की याचिका पर कई सवाल खड़े किए गए हैं।
नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड केस की आज यानी सोमवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई है। इस मामले में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एक एप्लिकेशन फाइल की थी, जिसके तहत कांग्रेस पार्टी और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड से दस्तावेज और बही खाता मांगा था। स्वामी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड पर गलत तरीके से अधिकार किया। हालांकि, बचाव पक्ष के वकील ने कहा है कि स्वामी ने जुलाई 2013 में याचिका दायर की थी, जिसमें कांग्रेस से लोन लिए जाने की कोई बात नहीं कही गई है। पटियाला हाउस कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है और अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी को होगी। 10 फरवरी को स्वामी को अपने सबूतों की पूरी लिस्ट कोर्ट को सौंपनी है।

बचाव पक्ष का कहना है कि न तो स्वामी ने कांग्रेस को एक आरोपी बनाया है, न ही ये आरोप लगाया है कि कोई अधिकारी कर्ज देने के लिए ऑथराइज नहीं है। ऐसे में बचाव पक्ष के वकील का कहना था कि जिन दस्तावेजों की मांग सुब्रमण्यम स्वामी ने की है, उनकी इस केस में कोई जरूरत नहीं है। हालांकि, स्वामी ने बचाव पक्ष के वकील के सभी दावों का खंडन करते हुए कहा था- मेरे पास कोई केस ही नहीं है, बचाव पक्ष का यह कहना कैसे मुमकिन है, जबकि कोर्ट ने समन भेज दिया है। इसलिए वो लगातार समय ले रहे हैं और केस में देरी करवा रहे हैं, लेकिन वह बच नहीं सकते हैं।
ये भी पढ़ें- 11 साल की कैद के बाद मुझे निर्दोष बताया, पर किसी ने हमसे माफी नहीं मागी
स्वामी ने 2012 में एक एप्लिकेशन फाइल की थी, जिसमें उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कुछ अन्य लोगों के एक जमीनी सौदे में धोखाधड़ी का षड़यंत्र रचाने का आरोप लगाया था। शिकायत में कहा गया था कि कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड न्यूजपेपर के मालिक एजेएल को ब्याज मुक्त लोन दिया था, जो बाद में वापस नहीं किया गया। स्वामी ने कहा है कि यह इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 269टी का उल्लंघन है। अगस्त में कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और 5 अन्य लोगों के खिलाफ स्वामी की एप्लिकेशन के आधार पर नोटिस जारी किया था।












Click it and Unblock the Notifications