ठाणे: दहेज के लिए पत्नी को जिंदा जलाने वाले पति को मिली उम्रकैद की सजा
ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे में पत्नी को शादी के पांच महीने के बाद दहेज के लिए जिंदा जलाने वाले पति को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनायी है। ठाणे के भिवंडी नगर में एक 32 वर्षीय शख्स ने पत्नी को जिंदा जलाया था, कोर्ट ने इस मामले में शख्स को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी है। पत्नी पर मिट्टी का तेल छिड़कर जिंदा जला दिया था। पुलिस को दिए गए आखिरी बयान में पत्नी ने कहा था कि उसका पति ने दहजे की मांग की थी।

सरकारी वकील ने बताया कि आरोपी ने 19 दिसंबर 2012 को अपनी पत्नी का मुंह कपड़े से बंद कर दिया था और उसके हाथ पीछे बांधकर उसपर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा दी थी। आग लगाने के बाद पति अपनी पत्नी को रूम में बंद करके मौके से फरार हो गया था। महिला ने मदद के लिए पुकारती रही। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने उसकी मदद की। इस घटना में महिला बुरी तरह से घायल हो गई थी। महिला को तुरंत हॉस्पिटल में भरती कराया गया था, लेकिन महिला की दूसरे दिन मौत हो गई थी।
अतिरिक्त सरकारी वकील वंदना जाधव ने कोर्ट को बताया कि शादी के कुछ दिन बाद से ही यह शख्स अपनी पत्नी को परेशान करने लगा था। वकील ने बताया कि महिला अपने साथ दहेज लेकर नहीं आई थी और उसका पति दहेज की मांग कर रहा था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एससी खालिपे ने 27 अप्रैल को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) और अन्य धाराओं के तहत दोषी पाए गए व्यक्ति मोहरामली शफीक खान को सजा सुनाई। अदालत ने उसपर 11,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने भी शख्स को इस मामले में दोषी पाते हुए आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनायी।












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