किसके आदेश पर हुआ हाथरस पीड़िता का रात में अंतिम संस्कार, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर ने बताया
हाथरस पीड़िता का अंतिम संस्कार DM के आदेश पर रात में किया गया, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर ने बताया
हाथरस: उत्तर प्रदेश हाथरस की 19 वर्षीय दलित गैंगरेप पीड़िता का अंतिम संस्कार रात में किसके कहने पर हुआ? ये सवाल पिछले दिनों से योगी आदित्यनाथ की सरकार से पूछा जा रहा है। इस पूरे मामले पर यूपी के क्राइम ब्रांच के एक इंस्पेक्टर ने कहा है कि हाथरस पीड़िता का अंतिम संस्कार (Hathras victim body cremated) रात में जिला मजिस्ट्रेट प्रवीण कुमार लक्षकार ( Hathras District Magistrate Praveen Kumar Laxkar) के आदेशों पर किया गया था। हाथरस डीएम (Hathras DM) ने ही पीड़िता के अंतिम संस्कार बिना परिवार के करने के आदेश दिए थे।

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जो कुछ भी हुआ वो हाथरस DM साहब के निर्देश पर हुआ: क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर
इंडिया टीवी के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में, क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर संजीव शर्मा ने कहा कि उन्हें उस जगह के पास तैनात किया गया था, जहां पिछले हफ्ते पीड़िता का अंतिम संस्कार हुआ था। पीड़िता का अंतिम संस्कार हो या जो कुछ भी वहां हुआ वह डीएम साहब के निर्देशों पर हुआ था। जब भी कोई घटना होती है, तो सारी चीजें जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों के अनुसार की जाती हैं।
हाथरस पीड़िता के अंतिम संस्कार को लेकर सवालों के घेरे में योगी सरकार
14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ चार लोगों ने मिलकर हाथरस में कथित तौर पर गैंगरेप किया। जिसके बाद पीड़िता को अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JNMCH) में भर्ती करवाया गया था। उसकी रीढ़ की हड्डी टूटी हुई थी और शरीर पर काफी चोटें थीं। लड़की की हालत बिगड़ने के बाद उसे 27 सितंबर को दिल्ली रेफर किया गया, जहां 29 की सुबह चार बजे के आस-पास पीड़िता की मौत हो गई थी।

29 की रात और 30 सितंबर की सुबह 3 बजे के आस-पास हाथरस गैंगरेप पीड़िता का अंतिम संस्कार उसके गांव में किया गया। जिसको लेकर यूपी पुलिस और योगी सरकार की जमकर आलोचना हो रही है। यूपी पुलिस पर आरोप लग रहे हैं कि पीड़िता को लेकर कोई सच ना बाहर आ जाए, इसलिए पीड़ित परिवार को नजरबंद कर अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि पुलिस और डीएम ने कहा है कि जो कुछ भी हुआ वह परिवार की रजामंदी से हुआ।
पीड़ित परिवार का आरोप- आखिरी बार भी बेटी को नहीं देखने दिया
पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने प्रशासन और पुलिस से कई बार कहा है कि उनके यहां रात को अंतिम संस्कार का रिवाज नहीं है। लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। अंत में पुलिस ने बिना परिवार के ही पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया।
पीड़िता के घरवालों ने कहा है कि उन्होंने अपनी बेटी को आखिरी बार देखा भी नहीं है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अंतिम संस्कार के वक्त उनको घर में बंद कर दिया गया था।












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