‘हेट इन इंडिया' और ‘मेक इन इंडिया' साथ-साथ नहीं चल सकते : राहुल गांधी
नई दिल्ली, 27 अप्रैल: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को भारत से कुछ वैश्विक ऑटोमोटिव ब्रांडों के बाहर निकलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि 'हेट-इन-इंडिया और मेक-इन-इंडिया एक साथ नहीं रह सकते। उन्होंने देश में बेरोजगारी की स्थिति का भी जिक्र किया और प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह इस संकट से निपटने पर ध्यान दें। राहुल गांधी लगातार पीएम मोदी पर रोजगार और महंगाई के मुद्दे पर हमलावर हैं।
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राहुल गांधी ने ट्वीट किया, कारोबार भारत से बाहर ले जाने की सुगमता है। सात वैश्विक ब्रांड, नौ फैक्ट्रियां और 649 डीलरशिप चले गए। 84,000 नौकरियां खत्म हो गईं।उन्होंने कहा, मोदी जी, 'हेट इन इंडिया' और 'मेक इन इंडिया' साथ-साथ नहीं चल सकते। भारत के खतरनाक बेरोजगारी संकट पर ध्यान देने का समय है। इतना ही नहीं राहुल गांधी ने ट्विटर पर सात वैश्विक ब्रांडों को दिखाते हुए एक तस्वीर साझा की।
राहुल द्वारा साझा की गई तस्वीर के मुताबिक, साल 2017 में शेवरले, 2018 में मैन ट्रक्स, 2019 में फिएट और यूनाइटेड मोटर्स, 2020 में हार्ले डेविडसन, 2021 में फोर्ड और 2022 में डैटसन जैसी कंपनियां देश से बाहर चले गई हैं। राहुल गांधी लगातार पीएम मोदी पर देश में बेरोजगारी को लेकर निशाना साधते रहे हैं। इससे पहले राहुल गांधी ने मंगलवार को भी बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि उनके "मास्टरस्ट्रोक" के कारण 45 करोड़ से अधिक लोगों ने नौकरी पाने की उम्मीद खो दी है।
उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी ऐसा करने वाले 75 साल में "ऐसे पहले प्रधानमंत्री" हैं। राहुल गांधी ने ट्वीटकर लिखा कि, न्यू इंडिया का न्यू नारा, हर-घर बेरोज़गारी, घर-घर बेरोज़गारी। 75 सालों में मोदी जी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिनके 'Masterstrokes' से 45 करोड़ से ज़्यादा लोग नौकरी पाने की उम्मीद ही छोड़ चुके हैं।












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