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MP crisis: 'शत्रु विनाशक यज्ञ' के भरोसे अब कमलनाथ सरकार!

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नई दिल्ली- मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार सोमवार को फ्लोर टेस्ट में बच पाएगी या नहीं राज्य के सियासी हलकों में अभी यही सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। चर्चा तो हो रही है कि कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर फ्लोर टेस्ट की मियाद बढ़वाने की भी कोशिशें हो सकती हैं। वैसे सोमवार के बहुमत परीक्षण के लिए कांग्रेस ने अपने विधायकों को जयपुर से भोपाल बुला भी लिया है। लेकिन, सरकार में बहुमत को लेकर किस तरीका का संकट बना हुआ इसकी बानगी शनिवार को तब देखने को मिली जब खबरों के मुताबिक कैबिनेट मंत्री पीसी शर्मा सरकार बचाने के लिए 'शत्रु विनाशक यज्ञ' करते दिखे। आमतौर पर इस तरह का धार्मिक अनुष्ठान दुश्मनों को हराने के लिए किया जाता है। हालांकि, मंत्रीजी ने इस तरह के किसी भी अनुष्ठान को नकारने की कोशिश की है।(पहली तस्वीर प्रतीकात्मक)

'शत्रु विनाशक यज्ञ' के भरोसे कमलनाथ सरकार!

'शत्रु विनाशक यज्ञ' के भरोसे कमलनाथ सरकार!

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार अपनी सरकार बचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। कांग्रेस की सत्ता बचाने के लिए सरकार या पार्टी में जिसे जो बन पा रहा है, वो वही कर रहा है। इसीलिए कमलनाथ सरकार में मंत्री पीसी शर्मा ने पूजा-पाठ और हवन का सहारा लिया है। जानकारी के मुताबिक शनिवार को उन्होंने आगर मालवा जिले के नलखेड़ स्थित एक मंदिर में 'शत्रु विनाशक यज्ञ' संपन्न कराया है और उस यज्ञ उन्होंने खुद अपने हाथों आहुति दी है। क्योंकि, कांग्रेस सरकार के हाथ से वक्त निकलता जा रहा है, 22 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं और राज्यपाल लालजी टंडन ने सोमवार यानि 16 मार्च को विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा है।

मंदिर-मंदिर द्वारे-द्वारे!

मंदिर-मंदिर द्वारे-द्वारे!

वैसे जब मंत्रीजी से उनके 'शत्रु विनाशक यज्ञ' के बारे में सवाल किया गया तो ऐसा लगा कि वो उसे बहुत ज्यादा तूल देने से बच रहे हैं। एडीटीवी के एक सवाल के जवाब उन्होंने कहा कि, 'मैं धार्मिक मामलों और आध्यात्मिक विभाग का भी मंत्र हूं, इसीलिए मैं श्रद्धालुओं के कल्याण से जुड़ी सरकार के विभिन्न कार्यों का जायजा लेने आया था। कांग्रेस और सहयोगियों के 121 विधायक हमारे साथ हैं और जब विधानसभा में बहुत परीक्षण होगा तो हमें लगता है कि चार-पांच अतिरिक्त विधायक हमारा समर्थन करेंगे।' गौरतलब है कि शुक्रवार को मध्य प्रदेश के गृहमंत्री बाला बच्चन समेत 80 कांग्रेसी और निर्दलीय विधायकों ने राजस्थान के सीकर के मशहूर मंदिर में पूजा करने के लिए पहुंचे हुए थे।

सोमवार को होगा सरकार के भाग्य का फैसला

सोमवार को होगा सरकार के भाग्य का फैसला

बता दें कि एमपी के दिग्गज कांग्रेसी और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने और राज्य के 6 मंत्रियों समेत 22 कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे ने कमलनाथ सरकार को अल्पमत में ला दिया है। इसके बाद ही राज्य के राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को सोमवार (16 मार्च,2020) को सदन में बहुमत साबित करने का आदेश दिया हुआ है। इस बीच राज्य विधानसभा के अध्यक्ष ने इस्तीफा देने वाले सभी मंत्रियों का इस्तीफा तो स्वीकार कर लिया है, लेकिन 16 बागी कांग्रेसियों का इस्तीफा लटका कर रखा है।

हालांकि, मंत्रियों की विधायकी जाने से बहुमत का जादुई आंकड़ा घटकर 113 रह गया है और सारा दारोमदार कांग्रेस के उन्हीं बागी 16 विधायकों पर टिका हुआ है। अगर इन विधायकों का इस्तीफा हुआ या इन्होंने सरकार के खिलाफ वोट डाले तो 107 विधायकों के साथ बीजेपी सरकार बनाने का दावा कर सकती है।

इसे भी पढ़ें- मध्य प्रदेश संकट: फ्लोर टेस्ट से पहले विधायकों का COVID-19 परीक्षण

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English summary
Has the Kamal Nath government of Madhya Pradesh remained dependent on religious rituals
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