Haryana Politics: क्या हरियाणा में BJP-JJP का गठबंधन टूट जाएगा?
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला इसी महीने की शुरुआत में कह चुके हैं कि प्रदेश में स्थायी सरकार के लिए जननायक जनता पार्टी (JJP) और बीजेपी का गठबंधन जरूरी है।
लेकिन, उनके इस बयान के करीब दो हफ्ते बाद ही प्रदेश की राजनीति में नए हालात पैदा हो चुके हैं। पिछले हफ्ते पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट निजी क्षेत्र में 30 हजार रुपए से कम सैलरी वाले जॉब में स्थानीय लोगों के लिए 75% कोटा वाले हरियाणा सरकार के कानून को असंवैधानिक कर दे चुका है।

75% कोटा पर लग चुका है अदालती झटका
2019 के हरियाणा विधानसभा चुनावों में अजय चौटाला की पार्टी जेजेपी का यही प्रमुख वादा था। माना जाता है कि इस वादे ने उसके जाट वोट बैंक को काफी प्रभावित किया था। सहयोगी पार्टी के दबाव की वजह से ही राज्य की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने इस कोटे को लागू करवाया था। हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद विपक्षी कांग्रेस ने भाजपा-जेजेपी गठबंधन पर दबाव बढ़ा दिया है।
राजस्थान में बीजेपी को जेजेपी से मिल रही है चुनौती
इस दौरान राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा के जेजेपी के साथ गठबंधन से इनकार करने के बाद इसने 200 सीटों में से जाट मतदाता बहुल 20 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। तथ्य ये है कि जननायक जनता पार्टी के प्रत्याशी कई सीटों पर कांग्रेस से ज्यादा बीजेपी के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।
राजस्थान से बढ़ सकता है गठबंधन में दरार!
जानकारों की मानें तो जेजेपी की मौजूदगी की वजह से कई सीटों पर भाजपा को राजस्थान में बड़ा झटका लग सकता है। ऐसे में जब हरियाणा में पहले से ही जेजेपी और बीजेपी के बीच असंतोष की भावनाएं सामने आ चुकी हैं तो राजस्थान की चुनावी राजनीति इस गठबंधन के कायम रहने की राह में बहुत बड़ा रोड़ा बनता दिख रहा है।
दरार के बीच पोस्टर पर सवाल!
उधर मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चौटाला की पार्टी ने 2019 में होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनावों को लेकर एक नया पोस्टर लॉन्च किया है, जिसमें लिखा है- 'अबकी बार हरियाणा की पुकार, देवीलाल के सपनों की सरकार'।
भाजपा नेता भी दिखा चुके हैं तीखे तेवर
इससे पहले भाजपा के प्रदेश प्रभारी और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब और हरियाणा के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष ओमप्रकाश धनकड़ भी जेजेपी के साथ गठबंधन को लेकर काफी तीखे तेवर दिखा चुके हैं। धनकड़ कह चुके हैं कि दोनों दलों के बीच गठबंधन सिर्फ सरकार चलाने के लिए है। वहीं बिप्लव दे तो उचाना सीट से प्रेमलता को अगला एमएलए बता चुके हैं। जबकि, इस सीट का प्रतिनिधित्व खुद दुष्यंत चौटाला कर रहे हैं।
बीरेंद्र सिंह बीजेपी छोड़ने तक की दे चुके हैं धमकी
गौरतलब है कि दुष्यंत चौटाला ने इस महीने की शुरुआत में हरियाणा में बीजेपी-जेजेपी गठबंधन को लेकर जो वकालत की थी, उसके पीछे की वजह ये थी कि पिछले महीने भाजपा नेता बीरेंद्र सिंह ने जेजेपी से रिश्ता नहीं तोड़ने पर पार्टी छोड़ने तक की धमकी दे डाली थी।
पिछले महीने हरियाणा की जींद में एक रैली के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा था कि अगर बीजेपी सोचती है कि जेजेपी अगले साल के चुनाव में गठबंधन के लिए वोट ला सकती है, तो वे गलत हैं। ऐसी स्थिति में दोनों दल आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ पाएंगे यह बहुत बड़ा सवाल बन गया।
2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी 90 सीटों में से सिर्फ 40 सीटें जीतकर सामान्य बहुमत के आंकड़े से पिछड़ गई थी। जेजेपी के 10 विधायक जीते थे और उसके समर्थन से मनोहर लाल खट्टर की दूसरी बार सरकार बनी थी। हाल के दिनों में दोनों दलों की ओर से कहा भी जा रहा है कि वह लोकसभा की सभी 10 सीटों और विधानसभा की 90 सीटों के लिए अपने दम पर तैयारियां कर रहे हैं।












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