हरियाणा-जम्मू कश्मीर में मतगणना आज, किसे मिलेगी कुर्सी, कौन बनेगा किंग मेकर? तस्वीर होगी साफ
जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे आज आ रहे हैं। आधिकारिक सूचना के मुताबिक, दोनों राज्यों (हरियाणा और जम्मू कश्मीर) में वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू हो रही है। मतगणना केंद्रों पर प्रत्याशियों की मौजूदगी के लिए पास की व्यवस्था एक दिन पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है। कश्मीर में जहां 10 साल बाद विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, तो वहीं हरियाणा में इस बार सत्ता परिवर्तन के अनुमान के बीच एक अलग उत्साह नजर आ रहा है। हालांकि बीजेपी इसे नकार रही है। अगले कुछ घंटों में हरियाणा के साथ जम्मू कश्मीर में भी सरकार किसकी और किसके समर्थन से होगी, इसको लेकर स्थिति साफ हो जाएगी।
जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न होने के बाद अब नतीजे आने में कुछ ही समय बचे हैं। मतगणन की शुरुआत में सबसे पहले डाक मतपत्रों के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में दर्ज वोटों की काउंटिंग की जा रही है। यह चुनाव जम्मू और कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद पहली बार हो रहे हैं, ऐसे में इनका विशेष महत्व है।

धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में ये पहला विधानसभा चुनाव है। इस बार नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा, जबकि पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने अलग-अलग चुनाव लड़ा। हरियाणा में मुख्य मुकाबला बीजेपी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ-साथ इंडियन नेशनल लोक दल-बहुजन समाज पार्टी (INLD-BSP) और जननायक जनता पार्टी (JJP)-आजाद समाज पार्टी (ASP) के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन के बीच था।
जम्मू-कश्मीर में इस चुनाव के नतीजों से 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त किये जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में पहली निर्वाचित सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त होगा। इस विधानसभा चुनाव में मुकाबले में मुख्य रूप से कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) गठबंधन, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हैं। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार, सभी मतगणना केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सीमावर्ती केंद्र शासित प्रदेश में सब कुछ ठीक रहे। कश्मीर घाटी और जम्मू क्षेत्र के सभी केंद्रों पर सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया है और वे पहरा दे रहे हैं।
वर्ष 2014 के बाद से जम्मू-कश्मीर में पहली बार विधानसभा चुनाव तीन चरणों में हुए। कश्मीर घाटी और जम्मू क्षेत्र की 90 सीटों में से पहले चरण में 24, दूसरे चरण में 26 और तीसरे चरण में 40 सीटों पर मतदान हुआ।
हरियाणा में किसकी जीत?
हरियाणा सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को भरोसा है कि वह लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए सत्ता बरकरार रखने में कामयाब होगी। हालांकि, वोटिंग के बाद आए एग्जिट पोल के अनुमान से उत्साहित विपक्षी दल कांग्रेस भी 10 साल बाद सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है। लोकसभा चुनावों के बाद हरियाणा में विधानसभा चुनाव भाजपा और कांग्रेस के बीच पहला बड़ा सीधा मुकाबला है। इस चुनाव के परिणाम का इस्तेमाल विजेता द्वारा अन्य राज्यों में अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जाएगा, जहां अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं।
इन पार्टियों के बीच मुकाबला
हरियाणा की 90 सीट पर 464 निर्दलीय और 101 महिलाओं सहित कुल 1,031 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चुनाव में मुख्य पार्टियां भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो)-बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और जननायक जनता पार्टी (जजपा)-आजाद समाज पार्टी (आसपा) हैं। ज्यादातर सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में भी हरियाणा के साथ ही मतदान हुआ, लेकिन वहां ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस-भाजपा के बीच सीधी टक्कर के बजाय बहुकोणीय मुकाबला होने की संभावना है।












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