हरियाणा में BJP से आगे कैसे लड़ेगी कांग्रेस, आपस में ही सिर फुटौव्वल को तैयार!
Haryana Assembly Election 2024: हरियाणा में अक्टूबर में विधानसभा का चुनाव होना है। राज्य में पिछले 10 साल से बीजेपी की सरकार है। हरियाणा सरकार के खिलाफ एक दशक की एंटी-इंकंबेंसी के बावजूद बीजेपी इस बार भी राज्य की 10 में से 5 लोकसभा सीटें जीतने में सफल रही है।
लोकसभा चुनावों की शुरुआत से लेकर आखिर तक कांग्रेस दावे कर रही थी कि वह 8 से 10 सीटें जीतने जा रही है। लेकिन, विपक्ष ने जो उम्मीद लगाई थी, भाजपा का प्रदर्शन उतना बुरा भी नहीं रहा है। अब इसी बात को लेकर कांग्रेस के अंदर की गुटबाजी सतह पर आ चुकी है।

हरियाणा में हुड्डा और सैलजा कैंप में घमासान
पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा लोकसभा की आधी सीटें जीतकर भी इतने उत्साहित बताए जा रहे हैं कि जानकारी के मुताबिक अभी से प्रदेश में कांग्रेस की अगली सरकार और खुद को उसका मुख्यमंत्री मानकर चल रहे हैं। लेकिन, उनकी महत्वाकांक्षा की धार कुंद करने के लिए पार्टी की दलित नेता कुमारी सैलजा भी तैयार बैठी हैं।
हुड्डा को संभावित सीएम उम्मीदवार बताने पर भड़कीं कुमारी सैलजा
एक कार्यक्रम में जब सैलजा से कहा गया कि चौधरी उदयभान इस तरह के दावे कर रहे हैं कि हुड्डा ही मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं तो उन्होंने उनके दावों का खंडन करते हुए कहा, 'वो किस हिसाब से इस तरह की बातें कर रहे हैं। हाई कमान से पूछ के आए हैं क्या? हाई कमान ने कहा है क्या? सबको बता दें।' हरियाणा में कांग्रेस के मुख्यमंत्री के दावेदारों में कुमारी सैलजा का भी नाम लिया जाता रहा है।
लोकसभा में टिकट बंटवारे को लेकर भी उठाए सवाल
यही नहीं उन्होंने बिना नाम लिए लोकसभा चुनावों में मनमाने तरीके से टिकट बांटने का भी आरोप हुड्डा पर लगा दिया है। उन्होंने कहा, '5 के बजाए हम 8-10 सीटों तक भी जा सकते थे; और साफ नजर आ रहा है कि किस तरह से एकतरफा मामला.....सही ढंग से भी आप टिकट वितरण कर देते तो ठीक रहता...आप ये देखो कि राज बब्बर को कौन लाया है? ब्रह्मचारी जी को कौन लाया? क्या हरियाणा में हमारे पास कैंडिडेट नहीं थे? या हम कैंडिडेट तैयार नहीं कर पाए? सीएम के सामने, एक्स सीएम के सामने कैसे कैंडिडेट.....'
हरियाणा कांग्रेस में अभी दिखता है हुड्डा कैंप का दबदबा
दरअसल, हुड्डा के बारे में कहा जा रहा है कि वह अपने हाव-भाव से खुद को राज्य के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर पेश करने लगे हैं। इसी से जुड़े सवालों पर शैलजा भड़क उठी हैं। क्योंकि, कहा जा रहा है कि हरियाणा में टिकट बंटवारे से लेकर कांग्रेस के सभी अहम फैसलों पर हुड्डा कैंप की ही चली है। लेकिन, फिर भी पार्टी को वह सफलता नहीं मिल पाई है, जिसका दावा किया जा रहा था।
हरियाणा में लोकसभा की 10 सीटें हैं, जिसमें से कांग्रेस 9 पर लड़ी थी और कुरुक्षेत्र की सीट उसने इंडिया ब्लॉक की अपनी सहयोगी आम आदमी पार्टी को दी थी। लेकिन, गठबंधन के बावजूद पार्टी सिर्फ 5 ही सीट जीत पाई और 5 सीटों पर भाजपा का दबदबा कायम रहा। हालांकि, 2019 के मुकाबले उसकी 5 सीटें जरूर कम हो गई हैं।












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