हरियाणा सरकार का फैसला: गुड़गांव का नया नाम 'गुरुग्राम', मेवात कहलाएगा 'नूंह'
चंडीगढ़। साइबर सिटी के नाम से देश भर में प्रसिद्ध गुड़गांव का नाम बदल दिया गया है। अब इसका नाम गुरुग्राम हो गया है। जी हां हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने मंगलवार को यह फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया गया। इस बैठक में एक और अहम फैसला लिया गया जिसके मुताबिक मेवात जिले का नाम बदलकर नूंह कर दिया गया। सीधे शब्दों में कहें तो आज से गुड़गांव को गुरुग्राम और मेवात को नूंह करकर पुकारना होगा।

इसके अलावा कृषि विभाग का नाम भी बदल कर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कर दिया गया है। राष्ट्रीय किसान आयोग की सिफारिश के बाद सरकार ने ये फैसला लिया। जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में सरकार कई और जिलों के नामों में बदलाव के साथ कई जिलों के पुनर्गठन पर भी विचार कर रही है। आपको बता दें कि गुड़गांव का पुरान नाम गुरुग्राम ही था।
गुरुग्राम कैसे बन गया था गुड़गांव
प्राचीन हिंदू पौराणिक कथाओं में गुड़गांव का उल्लेख एक महत्वपूर्ण नगर के रूप मे मिलता है। इसका पौराणिक नाम गुरुग्राम है, अर्थात गुरु (द्रोणाचार्य) का ग्राम। मान्यता है कि महाभारत काल में राजा युधिष्ठिर ने गुड़गांव को अपने धर्मगुरु द्रोणाचार्य को उपहार स्वरूप दिया था।
आज भी उनके नाम पर एक तालाब के भग्नावशेष और एक मंदिर प्रतीक के तौर पर विद्यमान हैं। इस कारण इसका नाम गुरुग्राम पड़ा, जो बाद में संस्कृत से अपभ्रंश होकर गुरुगांव और फिर स्थानीय बोलचाल के हिसाब से गुड़गांव कहलाया जाने लगा।
पहले भी बदल चुके हैं कई जिलों के नाम
2014 में कर्नाटक सरकार ने भी राजधानी बैंगलोर समेत राज्य के 12 शहरों के नाम बदले थे। नए नाम स्थानीय संस्कृति से मिलते-जुलते हैं। इसी के तहत बैंगलोर का नाम बेंगलुरु, मंगलोर का नाम मंगलुरु, मैसूर का नाम मैसूरु, बेल्लारी का नाम बल्लारी, बेलगाम का नाम बेलगावी, हुबली का नाम हुब्बली, तुमकुर का तुमाकुरु, बीजापुर का विजयपुरा, चिकमगलूर का चिकामगलुरु, गुलबर्ग का कालाबुरागी, होसपेट का होसापेटे और शिमोगा का शिवामोगा कर दिया था।












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