दो राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने दिया पार्टी से इस्तीफा
Recommended Video
नई दिल्ली। विधानसभा चुनावों के ऐलान के बाद से ही हरियाणा में कांग्रेस नेताओं के बीच उठा-पटक का दौर जारी है। इस उठापटक के बीच कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अशोक तंवर का कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि वे टिकटों के बंटवारे को लेकर नाराज चल रहे थे।

अशोक तंवर ने किया कांग्रेस से इस्तीफा
अशोक तंवर ने नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा दिया है। उन्होंने विधानसभा चुनाव को लेकर लेकर बांटे जा रहे टिकटों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। अशोक तंवर ने कहा, 'जो लोग सिस्टम में अच्छे से स्थापित हैं, वे अच्छे से लोगों का शोषण करते हैं। वे एसी कमरों में बैठते हैं, विदेश यात्रा पर जाते हैं और पांच साल पैसे कमाते हैं। चुनाव के ठीक पहले वे ऐसे अवतरित हो जाते हैं, जैसे देवी-देवता हों, लेकिन उनके कर्म देवी-देवता वाले नहीं हं, कर्म राक्षसी हैं।' तंवर की काफी समय से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से तनातनी चल रही थी। हाल में अशोक तंवर से प्रदेश की कमान छीनकर कुमारी शैलजा को दे दी गई थी। इसके पहले, पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर सभी कमेटियों से इस्तीफा दे दिया था।
टिकट बंटवारे को लेकर नाराज चल रहे थे तंवर
पार्टी की सभी समितियों से इस्तीफा देने के बाद तंवर ने जमकर अपनी भड़ास निकाली थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि जिन लोगों ने प्रदेश में पार्टी को कमजोर करने का काम किया है, उन्हें टिकट क्यों दिया गया? उन्होंने हुड्डा पर निशाना साधते हुए यहां तक कह दिया कि कुछ लोगों को पार्टी का नया नेतृत्व बर्दाश्त नहीं है। तंवर की शिकायत थी कि पांच साल तक उन्होंने हरियाणा में विपक्ष की भूमिका निभाई और टिकट बंटवारे में उनकी ही अनदेखी कर दी गई।

हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका
तंवर का मानना है कि आलाकमान नए लोगों को टिकट देने के लिए तैयार था, लेकिन कुछ लोगों की वजह से ऐसा हो नहीं पाया। उन्होंने पार्टी में टिकट बेचे जाने की भी आशंका जताई और कहा कि जरूरत पड़ने पर आलाकमान को भी जानकारी देंगे। उन्होंने हरियाणा में चुनाव अभियान से ये कहकर किनारा कर लिया कि जिन लोगों ने राज्य में चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी ली है, अगर पार्टी हारी तो हार की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी। हालांकि, उन्होंने कहा था कि वे पार्टी नहीं छोड़ेंगे लेकिन दो दिन बाद ही शनिवार को उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।












Click it and Unblock the Notifications