किसान मर्जी से मर रहे हैं, पीएम क्यों इस पर संवेदना जताएं: हरियाणा के कृषिमंत्री जेपी दलाल
नई दिल्ली। हरियाणा सरकार में कृषिमंत्री और भाजपा नेता जेपी दलाल ने कहा है कि किसान आंदोलन में जो 200 से ज्यादा किसान मरे हैं, अगर घर पर होते तो भी मरते। उन्होंने कहा कि अगर लाख दो लाख लोग एक जगह होंगे तो छह महीने में 200 मौतें हो ही जाएंगी। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की एवरेज उम्र कितनी है, ये देखिए और एक साल में कितनी मौतें होती हैं। वो भी देखिए। उन्होंने किसानों की मौत पर पीएम की ओर से कोई बयान या ट्वीट ना आने पर भी जवाब दिया।

शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेपी दलाल से सवाल किया गया कि अगर कहीं दुर्घटना में 10 मौतें होती हैं तो प्रधानमंत्री संवेदना जताते हैं लेकिन किसानों की मौत पर उनकी ओर से कोई ट्वीट नहीं आया। इस पर दलाल ने कहा कि वो इसलिए क्योंकि ये लोग एक्सीडेंट में नहीं स्वेच्छा से मरे हैं, कोई बुखार से मरा है तो कोई हार्ट अटैक से। इसके बाद हंसते हुए उन्होंने कहा कि फिर भी सभी के लिए संवेदनाएं जताते हैं।
विपक्ष ने कहा- इनको बर्खास्त करो
जेपी दलाल का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, कई किसान नेताओं और दूसरे लोगों ने इसे शेयर करते हुए कहा है कि ये तो नीचता और संवेदनहीनता की हद है। एक बड़े पद पर बैठा व्यक्ति मौतों पर हंस रहा है तो ये तो हद है।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा है- आंदोलन में संघर्षरत अन्नदाताओं के लिए इन शब्दों का प्रयोग एक संवेदनहीन और संस्कारहीन व्यक्ति ही कर सकता है। शर्म, मगर इनको आती नहीं। पहले किसानों को पाकिस्तान व चीन समर्थक बताने वाले हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल को कैबिनेट से बर्खास्त किया जाना चाहिए।
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने लिखा है, ये हरियाणा का बेशर्म कृषि मंत्री हैं कह रहा है- जो किसान मरे हैं वो स्वेच्छा से मरे है किसी एक्सीडेंट में नही आंदोलन में किसान जाति के चक्कर में गया है।
किसानों के पीछे चीन पाकिस्तान को भी बता चुके
जेपी दलाल इससे पहले किसान आंदोलन के विदेशी मदद की बात भी कह चुके हैं। उन्होंने कहा था कि किसानों को आगे करके विदेशी ताकतें जैसे चीन पाकिस्तान अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं। विदेशी ताकतों को मोदी का चेहरा पसंद नहीं है।












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