हरियाणा के प्राइवेट स्कूलों से 12.5 लाख बच्चे 'लापता', शुरू हुई तलाश
चंडीगढ़, 3 जुलाई। हरियाणा निजी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले 12.5 लाख बच्चों का कुछ पता नहीं है। प्रदेश में स्कूलों में नया सत्र शुरू हुए तीन महीने बीत चुके हैं लेकिन इन बच्चों का अभी तक नामांकन नहीं हुआ है। बच्चों की आगे की कक्षा में नामांकन न होने को स्कूली शिक्षा निदेशालय ने गंभीरता से लेते हुए जिले के अधिकारियों को इस बारे में निर्देश भेजा है। इसमें यह आशंका जताई गई है कि यह बच्चे पढ़ाई से बाहर हो सकते हैं।

हरियाणा शिक्षा विभाग के सामने निजी स्कूलों ने जो डेटा पेश किया है उसके मुताबिक पिछले साल के 29.83 लाख छात्रों के मुकाबले 2021-22 के सत्र में 17.31 लाख छात्रों ने प्रवेश लिया है। हरियाणा में 14,500 सरकारी और 8900 प्राइवेट स्कूल हैं।
बच्चों के बारे में पता लगाने के निर्देश
स्कूली शिक्षा निदेशालय के भेजे गए निर्देश में कहा गया है, "निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 12.51 लाख छात्रों का विवरण एमआईएस (प्रबंधन सूचना प्रणाली) पर अपडेट नहीं किया गया है। आपको इन 12.51 लाख छात्रों के डेटा को अपडेट करने के लिए निजी स्कूलों के प्रमुखों / प्रबंधन के साथ बैठकें करने का निर्देश दिया जाता है ताकि उनके ड्रॉप आउट की आशंकाओं को कम किया जा सके।"
अधिकारियों का कहना है कि बहुत सारे बच्चे ऐसे हो सकते हैं जिन्होंने फीस की समस्या के चलते प्रवेश न लिया होगा। वहीं कुछ ने सरकारी स्कूलों में प्रवेश लिया होगा। एक आशंका ये भी जताई गई है कि बहुत सारे बच्चे बाहर हो गए होंगे क्योंकि ऑनलाइन मोड में पढ़ाई के साधनों तक उनकी पहुंच नहीं है।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री ने इंडियन एक्स्प्रेस से बातचीत में पिछले साल के मुकाबले इस साल छात्रों की संख्या में भारी अंतर पर हैरानी जताई है और कहा है कि वह मामले का निरीक्षण करेंगे।












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