युवा सशक्तिकरण-ग्रामीण समुदायों की मजबूती है प्रधानमंत्री के विकसित भारत की कुंजी: हर्षवर्धन श्रृंगला
राज्यसभा सांसद और पूर्व राजनयिक हर्षवर्धन श्रृंगला ने खेल और कौशल विकास के माध्यम से भारत के युवाओं को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। श्रृंगला ने जोर देकर कहा कि, वो राष्ट्रीय विकास और प्रगति के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे।
उन्होंने इस संबंध में कहा कि देश में युवा सशक्तिकरण और ग्रामीण समुदायों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। श्रृंगला ने कहा कि रोजगार सृजन, खेल और ग्रामीण कल्याण जैसे क्षेत्र भारत की वास्तविक क्षमता को उजागर कर, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की कुंजी हैं।

विकसित भारत के निर्माण के लिए युवा, खेल, और सतत आजीविका में करना होगा निवेश
हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए हमें युवाओं, खेल और सतत आजीविका में निवेश करना होगा। ताकि, सभी के लिए अवसरों से भरा भविष्य संभव हो सके। इन क्षेत्रों में रणनीतिक निवेश के साथ-साथ हमें उस अंतर को भी मिटाना होगा, जो इन समुदायों को सशक्त बनाने से रोकते हैं। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से, हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि प्रत्येक भारतीय, चाहे उनकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो, व्यक्तिगत और सामूहिक प्रगति के लिए अवसरों तक उसकी पहुंच में कोई बाधा न आने पाये।
उत्तर पश्चिम बंगाल के विकास के लिए सुझाए विशेष उपाय
उत्तर पश्चिम बंगाल के विकास और सांसद निधि के उचित उपयोग के लिए अपने विचार को स्पष्ट करते हुए, उन्होंने युवा सशक्तिकरण और राष्ट्रीय गौरव के लिए खेल में निवेश के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि देश भर में युवाओं के लिए विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना का निर्माण न केवल प्रतिभा को बढ़ावा देगा, बल्कि भारत को वैश्विक खेल केंद्र के रूप में भी स्थापित करेगा। उनकी दृष्टि में भारत भर में आधुनिक खेल सुविधाओं का विकास शामिल है, जो अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हों, ताकि युवा एथलीटों को प्रोत्साहित किया जाए और उन्हें वैश्विक मंच पर अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया जा सके।
कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया
हर्षवर्धन श्रृंगला ने युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के बढ़ते महत्व पर भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने विशेष रूप से पर्यटन, आतिथ्य, नागरिक उड्डयन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में बेरोजगारी की समस्या को लेकर चिंता व्यक्त की। साथ ही उन्होंने, राष्ट्रीय विकास के लिए अपने विजन को और विस्तार देते हुए, ग्रामीण समुदायों का उत्थान करने पर केंद्रित पहलों की घोषणा की।
उन्होंने कृषि और चाय की खेती जैसे क्षेत्रों में चुनौतियों से प्रभावित क्षेत्रों में सतत आजीविका कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ साझेदारी के माध्यम से, ये कार्यक्रम ग्रामीण समुदायों को फलने-फूलने के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान करेंगे। साथ ही यह प्रयास सरकार की समावेशी विकास की प्रतिबद्धता के भी अनुरूप है, कि हाशिए पर रहने वाले समुदायों को भी अपने जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त हो सके।












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