Hariyali Teej 2022: क्यों पहने जाते हैं हरे रंग के कपड़े,महिलाएं क्यों पहनती हैं हरी-हरी चूड़ियां ?
नई दिल्ली, 28 जुलाई। प्रेम, श्रद्धा और त्याग के पर्व 'हरियाली तीज' का त्योहार 31 जुलाई दिन रविवार को है। इस पर्व के लिए महिलाएं अभी से काफी तैयारियों में जुटी हुई हैं, कोई साड़ी खरीद रहा है तो कोई लंहगे के लिए दुकानों में घूम रहा है, किसी को सूट पहनना है तो कोई ब्यूटी पार्लर में जाकर फेशियल करवा रहा है, कुल मिलाकर कहना सिर्फ इतना है कि इस व्रत के लिए महिलाएं काफी दिनों से तैयारियों में जुट जाती हैं क्योंकि हर एक को इस दिन अपने पिया जी के लिए खास जो लगना है।
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भगवान शिव को हरा रंग काफी प्रिय है
आम तौर पर हरियाली तीज के दिन महिलाएं हरे रंग के कपड़े पहनती हैं, वो हरे रंग की साड़ी और चूड़ियों को इस दिन तवज्जो देती हैं। इसके पीछे खास कारण है, दरअसल भगवान शिव को हरा रंग काफी प्रिय है, सावन तो वैसे ही उनका प्रिय मास है क्योंकि इस वक्त प्रकृति भी हरी-हरी दिखाई देती है, गर्मी का अंत होता है और जमकर मेघ बरसते हैं।
हर कोना भीगा-भीगा
धरती का हर कोना भीगा-भीगा और सुंदर होता है, जो मन को शांति देते हैं, चारों ओर हरियाली ही हरियाली होती है और इसी वजह से सावन मास की तीज को हरियाली तीज कहा जाता है। इसलिए प्रकृति को हरा देखकर इंसान का मन भी हरा हो जाता है और यही कारण हैं कि स्त्रियां हरे रंग को महत्व देती हैं।

हरा रंग बुध ग्रह का
वैसे हरे रंग को पहनने के पीछे दूसरा कारण ये भी है कि ये रंग बुध ग्रह का है और ज्योतिष के अनुसार जिस महिला का बुध ग्रह प्रबल होता है उसे संतान सुख और पत्नी सुख भरपूर मात्रा में मिलता है, इसलिए हरियाली तीज पर महिलाएं हरे रंग के वस्त्र को तवज्जो देती हैं।

हरा रंग शांति, प्रेम, धैर्य और समृद्धि का भी मानक
इसके अलावा हरा रंग शांति, प्रेम, धैर्य और समृद्धि का भी मानक है, माना जाता है कि हरे रंग से घर में प्रेम, धैर्य् और समृद्धि वास होता है इसलिए भी महिलाएं हरे रंग के कपड़े और चूड़ियां पहनती हैं। तो वहीं लाल रंग अगर सुहाग का मानक है तो वहीं हरा रंग प्रेम जताने और हमेशा साथ निमाने का भी मानक है, इसलिए शादी करते वक्त मां-बाप अपनी बेटी को लाल रंग के साथ हरे रंग की भी साड़ी जरूर देते हैं। इसी वजह से हरियाली तीज पर महिलाएं हरे रंग की साड़ी और हरे रंग की चूड़ियां पहनती हैं।

हरा रंग ताकत का प्रतीक
अगर इसके वैज्ञानिक महत्व की बात करें तो हरा रंग ताकत का प्रतीक है और इसी वजह से आयुर्वेद की बहुत सारी दवाएं हरे रंग की होती हैं।
हरा रंग सौदर्य का प्रतीक
तो वहीं प्राकृतिक चिकित्सा में हरा रंग सौदर्य का प्रतीक है, बहुत सारे सौंदर्य प्रसाधन भी पत्तों से तैयार किए जाते हैं इसलिए सुंदर दिखने के लिए भी महिलाएं हरे रंग की साड़ी और हरे रंग की चूड़ियां पहनती हैं।












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