हरेन पांड्या हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात HC का फैसला पलटा, 7 दोषियों को उम्रकैद
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने साल 2003 में गुजरात के तत्कालीन गृह मंत्री हरेन पांड्या की हत्या के मामले में हाई कोर्ट के फैसले को पलटते हुए सात आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। बता दें कि गुजरात हाईकोर्ट इस मामले में सभी 12 आरोपियों को हत्या के आरोप से बरी कर दिया था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए इस मामले में सात आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने इस हत्याकांड की अदालत की निगरानी में दोबारा नए सिरे से जांच की याचिका को खारिज कर दिया है।

बता दें कि गुजरात सरकार और सीबीआई की ओर से सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की गई थी। जिसके बाद शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने मामले के सात आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना की नए सिरे से जांच के लिए जनहित याचिका दायर करने वाले गैर सरकारी संगठन पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए कहा कि इस मामले में अब किसी और याचिका पर विचार नहीं होगा।
सीबीआई के अनुसार, राज्य में 2002 के सांप्रदायिक दंगों का बदला लेने के लिए उनकी हत्या कर दी गई थी। ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार दिया था लेकिन जब मामला हाई कोर्ट में पहुंचा तब कोर्ट ने 12 आरोपियों को बरी कर दिया लेकिन कोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा था जिसमें इन पर आपराधिक षड़यत्र रचने, हत्या का प्रयास और आतंकवाद निरोधक कानून के तहत अपराधों के लिए दोषी ठहराने की बात कही गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस साल 31 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। 5 जनवरी, 2012 को शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सीबीआई और राज्य द्वारा दायर अपीलों को स्वीकार किया था।
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