सुरक्षा में बड़ी चूक, कोच्चि शिपयार्ड से INS विक्रांत का हार्ड डिस्क और प्रोसेसर चोरी
कोच्चि: कोच्चि शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। शिपयार्ड में भारत के पहले विमान वाहक आईएनएस विक्रांस पर से कथित तौर पर कंप्यूटर हार्डवेयर सहित हार्ड डिस्क की चोरी हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शिप पर चार कम्प्यूटर को नुकसान पहुंचाकर चार हार्ड डिस्क, रैम और प्रोसेसर चोरी हो गया है।

केरल पुलिस प्रमुख लोकनाथ बेहरा ने इंडिया टुडे को बताया कि कोच्चि शिपयार्ड लिमिटेड की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सोमवार शाम को केरल पुलिस ने एक विशेष जांच दल का गठन किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने एक प्राथमिकी भी दर्ज की है और एसआईटी टीम जांच कर रही है। हम इसे गंभीरता से ले रहे हैं, केरल पुलिस प्रमुख ने कहा कि हम इसमें शामिल किसी भी को नहीं छोड़ेंगे। बेहरा ने इस घटना को सुरक्षा का उल्लंघन करार दिया है।
बता दें कि विमानवाहक पोत की सुरक्षा सीआईएसएफ के दायरे में है, हालांकि जिस जगह से कम्प्यूटर के पार्ट चोरी हुए हैं वो जगह की सुरक्षा के लिए निजी सुरक्षा तैनात हैं। सूत्रों की माने तो इस घटना को अंजाम देने के लिए किसी अंदरूनी शख्स का भी हाथ हो सकता है। चोरी किए गए उपकरण छोटे है इसलिए उन्हें आसानी से बाहर ले जाया जा सकता है। जांचकर्ताओं ने खुलासा किया है कि जहाज के अंदर सीसीटीवी कैमरे नहीं थे और निगरानी सेंसर भी जहाज पर नहीं लगे थे। सूत्रों ने बताया कि इस घटना की मल्टी एजेंसी जांच भी शुरू कर दी गई है।
बता दें कि आईएनएस विक्रात के निर्माण की शुरुआत साल 2009 में शुरू हुई है, जबकि 2021 तक इसके तैयार होने की संभावना है। इस तरह से यह देश में निर्मित पहला स्वदेशी पोत होगा। कोचीन शिपयार्ड भारत में सबसे बड़ा जहाज निर्माण और रखरखाव की सुविधा प्रदान करता है। आईएनएस विक्रांत को लेकर उम्मीद है कि फरवरी 2021 में इसका समुद्री परीक्षण शुरू किया जाएगा और 2023 तक इसके सेवा में आने की संभावना है। आईएनएस विक्रांत के पूरा होने के साथ, भारत विमानवाहक पोत निर्माण में अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस और चीन जैसे देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा।
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