आसमान से ब्रह्मोस मिसाइल दागेगा सुखोई लड़ाकू विमान
बेंगलुरु। देख के खतनराक लड़ाकू विमानों में से एक सुखोई अब ब्रह्मोस मिसाइल दागने में सक्षम हो गया है। जी हां हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की बेंगलुरु शाखा ने सुखोई का ग्राउंड वाइब्रेशन टेस्ट किया है, जिममें ब्रह्मोस मिसाइल को विमान में इंटीग्रेट किया गया है।
वनइंडिया से विशेष बातचीत में एचएएल के चेयरमैन आरके त्यागी ने बताया कि सुखोई विमान में कुछ मॉडीफिकेशन किये गये हैं। इसके तहत विमान अपने साथ ब्रह्मोस मिसाइल को लक्ष्य पर मारने में सक्षम होगा। सुखोई का यह टेस्ट कुल 9 कंफीग्युरेशन के आधार पर किया गया। इस जीवीटी का निर्माण एचएएल के नासिक डिवीजन में किया गया है।
एचएएल की रिसर्च एंड डेवलपमेंट टीम ने इसका परीक्षण विशेषज्ञों की मौजूदगी में किया। इस दौरान ब्रह्मोस की एयरोस्पेस टीम भी वहां मौजूद थी।
क्या-क्या मॉडिफिकेशन किये गये हैं सुखोई में
- सुखोई में दो-दो टन के दो बम लगाये गये। पहला स्टेशन 1 पर दूसरा 2 पर।
- ब्रह्मोस मिसाइल को स्टेशन 13 पर फिट किया गया।
- आर-27 मिसाइल को 3 से 6 स्टेशनों तक लगाया गया।
- आर-73 मिसाइलों को 7 से 10 स्टेशनों पर लगाया गया।
- सैप518 पॉड (ईसीएम जैमिंग पॉड) को 11 व 12 नंबर स्टेशन पर लगाया गया।
एसपी त्यागी ने कहा कि यह कंफीग्युरेशन बहुत जटिल है, लेकिन हम तय समयसीमा के अंदर अपना काम पूरा कर लेंगे।
प्राइवेटाइजेशन से निबटने की चुनौती
त्यागी ने कहा कि जिस तरह रक्षा उपकरणों के निर्माण के क्षेत्र में प्राइवेटाइजेशन की बात चल रही है, उसे देखते हुए हम चुनौतियों से निबटने के लिये तैयार हैं। हमारा मकसद बेहतर क्वालिटी, कस्टमर सेटिसफैशन और कॉस्ट रिडक्शन है। हम आपने टेक्नोक्रैट्स को उसी हिसाब से तैयार कर रहे हैं, ताकि आने वाले समय में वो सारे उपकरण हम भारत में बना सकें, जो हमें बाहर से खरीदने पड़ते हैं।













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