विवाद के बीच पूर्व HAL प्रमुख ने किया दावा, हम भी भारत में बना सकते थे राफेल विमान
नई दिल्ली। राफेल विमान की खरीद का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राफेल डील को लेकर कांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर हमले कर रही है। वहीं, राफेल को लेकर चल रही बहस के बीच हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के पूर्व प्रमुख का बयान भी आया है जिनका कहना है कि HAL भारत में राफेल विमान बना सकता था। टी. सुवर्णा राजू ने सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार डील से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है।

राफेल को लेकर बहस तेज
हाल ही में रिटायर हुए HAL के पूर्व प्रमुख सुवर्णा राजू ने माना कि हाल भले ही उसी 'कॉस्ट-पर-पीस' पर विमान नहीं बना पाती, मगर ये कंपनी उच्च गुणवत्ता के लड़ाकू विमान बनाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि HAL जब 25 टन का सुखोई और चौथी पीढ़ी का विमान बना सकती है तो हम क्या बात कर रहे हैं? ये पहला मौका है जब HAL की तरफ से किसी ने डील को लेकर सार्वजनिक बयान दिया है।

डील से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग
राफेल को लेकर कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे पर आरोप लगाती रही हैं। टी. सुवर्णा राजू ने कहा कि हम भी राफेल विमान बना सकते थे। उन्होंने कहा कि वे खुद उस वक्त लीड कर रहे थे और सबकुछ ठीक चल रहा था। उन्होंने कहा कि आपको विमान की उम्र देखनी है ना कि पर-पीस का खर्च। उन्होंने कहा कि लंबे समय में भारतीय राफेल सस्ता ही पड़ता और ये स्वावलंबी होने की बात है। उन्होंने कहा कि अगर मैं विमान बनाता तो उसकी गारंटी भी लेता।

डील से बाहर किए जाने के बाद बोले HAL के पूर्व प्रमुख
सुवर्णा राजू ने कहा कि कंपनी अभी मिराज-2000 की 20 साल से देखभाल कर रही है, जिसे राफेल बनाने वाली डसाल्ट ने ही बनाया था। उन्होंने कहा कि भारत में बनने वाले राफेल की कीमत अधिक होती और यही वजह थी कि यूपीए सरकार में ये सौदा पूरा नहीं हो पाया था। इससे पहले राफेल डील को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि पूर्व की यूपीए सरकार HAL को डील से बाहर करने के लिए जिम्मेदार है।
ये भी पढ़ें: चुनावी मोड में मोदी सरकार और संघ का बदला-बदला हिंदुत्व, कुछ यूं तैयार हो रहा रण












Click it and Unblock the Notifications