कांग्रेस की तर्ज पर वंशवाद को बढ़ावा दे रहा गुलाबी गैंग

देश-विदेश में अपनी आक्रामक शैली से शोहरत हासिल कर चुके बुंदेलखंड़ के ताकतवर महिला संगठन गुलाबी गैंग में विरोध के स्वर ठंडे होने के आसार कम ही हैं। कमांडर संपतपाल और संयोजक जयप्रकाश के बीच शुरू वर्चस्व की जंग परवान पर चढ़ रही है। दोनों शीर्ष पदाधिकारी दो मार्च की आमसभा की बैठक में एक-दूसरे को पटखनी देने की तैयारी करने में जुट गए हैं। संपत जहां इस बैठक को नाकाम करने में जुटी हैं, वहीं जयप्रकाश सभी जिला कमांडरों को भाग लेने पर राजी करने में जुटे हैं। इस बीच आमतौर पर शांत रहने वाली वाइस कमांडर सुमन सिंह चौहान (महोबा) भी खुल कर सामने आ गर्इ हैं।
सोमवार को वाइस कमांडर सुमन सिंह चौहान ने संपत पर कांग्रेस की तर्ज पर गैंग में वंशवाद को बढ़ावा देने का आरोप जड़ा हैं। बकौल सुमन, 'संपत ने पहले गैंग के 'कांग्रेसीकरण का प्रयास किया, जब असफल हुर्इं तो वह कांग्रेस के ही तर्ज पर गैंग की कमान अपने बेटे और दामाद को सौंपना चाह रही हैं। उधर, संपतपाल का कहना है कि 'यह सब 'बाबू जी (जयप्रकाश) की चाल है, वह नहीं चाहते कि बांदा लोकसभा सीट से मुझे कांग्रेस का टिकट मिले।
यहां यह बता दें कि कांग्रेस ने रविवार को एक बार फिर संपत पर दांव लगाने का संकेत दे चुकी है, इसके पूर्व पिछले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्हें चित्रकूट जिले की मऊ-मानिकपुर सीट से चुनाव लड़ा चुकी है, लेकिन वह सफल नहीं हो पार्इं। कांग्रेस के प्रदेश सचिव साकेत मिश्र के मुताबिक, 'संपत का टिकट लगभग तय है। इधर, संयोजक जयप्रकाश का कहना है कि 'संपत ने हद पार कर दी है, अब दो मार्च को होने वाली आमसभा की बैठक में सब कुछ साफ हो जाएगा। कुल मिलाकर गुलाबी गैंग में विरोध के स्वर थमने का नाम नहीं ले रहा, ऐसे में एक बार फिर विभाजन के आसार बन गए हैं।












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