Gujarat Rains: गुजरात में बारिश ने मचाई तबाही, नदी में आई बाढ़ में बह गई ट्रैक्टर-ट्रॉली, 7 लोग लापता
गजरात में भारी बारिश की वजह से कई क्षेत्रों में बाढ़ के हालत हैं। इसी बीच मोरबी जिले में भारी बारिश के बीच बाढ़ वाले पुल को पार करते समय ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ बह गया। गुजरात के मोरबी जिले में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) बाढ़ में बह गए लोगों की तलाश के लिए तलाशी अभियान चला रहा है।
एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि धवना गांव के पास रात भर चले अभियान के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार 17 लोगों में से 10 को बचा लिया गया जबकि 7 अभी भी लापता हैं। गुजरात के कई हिस्सों में सोमवार सुबह 6 बजे तक पिछले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई, जिसके कारण अधिकारियों को मानसूनी नदियों में बढ़ते जल स्तर के कारण नवसारी और वलसाड जिलों के निचले इलाकों से सैकड़ों निवासियों को स्थानांतरित करना पड़ा।

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि के दौरान नवसारी जिले के खेरगाम तालुका में सबसे अधिक 356 मिमी बारिश दर्ज की गई।
भारी वर्षा के बीच बचाव कार्य
मोरबी के अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह जडेजा ने बताया, "रविवार रात करीब 9 बजे मोरबी जिले के हलवद तालुका के धवाना गांव के पास एक पुल (नदी के ऊपर) से गुजरते समय 17 लोगों को ले जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली बह गई। दस लोगों को बचा लिया गया, जबकि सात अन्य लापता हैं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और एनडीआरएफ दोनों के कर्मी तलाशी अभियान में शामिल हैं।"
डांग-अहवा तालुका में 268 मिमी बारिश
नवसारी के अलावा डांग जिले के डांग-अहवा तालुका में 268 मिमी बारिश हुई, और वलसाड जिले के कपराडा में 263 मिमी बारिश दर्ज की गई। नर्मदा, सिरेंद्रनगर, राजकोट, तापी, महिसागर और मोरबी, दाहोद और वडोदरा जैसे अन्य जिलों में भी 100 मिमी से अधिक बारिश हुई।
भारी बारिश के बीच सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार देर रात मोरबी, कच्छ, राजकोट, सुरेंद्रनगर, भावनगर, भरूच और डांग समेत विभिन्न जिलों के कलेक्टरों से संपर्क कर स्थिति का आकलन किया। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि पटेल ने कलेक्टरों को सतर्क रहने और लगातार बारिश की स्थिति की निगरानी करके लोगों और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
IMD ने जारी किया अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने अगले सप्ताह गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। इस पूर्वानुमान के जवाब में मुख्य सचिव राज कुमार ने रविवार शाम को समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है, "इस पूर्वानुमान के आधार पर मुख्य सचिव ने विभिन्न जिला प्रशासनों को सभी आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं।"
आगामी मौसम की स्थिति के लिए तैयारी
मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि प्रशासन को उन क्षेत्रों में विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए जहां आने वाले त्योहारों के कारण बड़ी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इस सतर्कता का उद्देश्य बारिश से संबंधित किसी भी त्रासदी को रोकना है। स्थानीय प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि बाढ़ के कारण बंद सड़कें तुरंत खोली जाएं और बिजली आपूर्ति में व्यवधान कम से कम हो।
औसत से 105 प्रतिशत अधिक बारिश
हाल ही में हुई बारिश के कारण, दक्षिण गुजरात के जिलों में अब तक औसत वार्षिक वर्षा का 105 प्रतिशत से अधिक बारिश हुई है - जो राज्य में सबसे अधिक है। दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के आठ जिलों में औसत वार्षिक वर्षा 100 प्रतिशत से अधिक हो गई है। SEOC के आंकड़ों के अनुसार, इस मौसम में अब तक अन्य सभी जिलों में औसत वार्षिक वर्षा का 50 प्रतिशत से अधिक रिकॉर्ड किया गया है।












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