गुजरात में नहीं चला 'जडेजा नाम,' राजकोट में क्रिकेटर की बहन को मिली हार, भाभी रिवाबा ने क्यों नहीं दिया साथ?
गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना दबदबा कायम रखा है। बीजेपी ने 15 में से 10 नगर निगमों पर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जबकि पहली बार चुनाव हुए मेहसाणा, मोरबी और नडियाद में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल पाई। इस चुनाव में भारतीय क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की बहन नयनाबा जडेजा का नाम काफी चर्चा में रहा
गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में इस बार सियासी मुकाबला सिर्फ पार्टियों के बीच नहीं, बल्कि एक ही परिवार के भीतर भी दिलचस्प रूप लेता दिखा। भारतीय क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की बहन नयनाबा जडेजा, जो कांग्रेस के टिकट पर मैदान में थीं, उन्हें राजकोट से हार का सामना करना पड़ा। खास बात यह रही कि यह मुकाबला कहीं न कहीं 'परिवार बनाम परिवार' की कहानी भी बन गया, जिसने इस सीट को सुर्खियों के केंद्र में ला दिया।

गुजरात में BJP की बढ़त, कांटे की टक्कर भी जारी
गुजरात के स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के नतीजे लगभग साफ हो चुके हैं, जहां भारतीय जनता पार्टी ने बढ़त बनाते हुए कई जगहों पर जीत दर्ज की है। हालांकि, कई सीटों पर बीजेपी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला भी देखने को मिला।
राजकोट में नयनाबा जडेजा को मिली हार
राजकोट के प्रभाग नंबर 2 से चुनाव लड़ रहीं नयनाबा जडेजा को हार का सामना करना पड़ा। इस सीट पर बीजेपी ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस की चुनौती को पीछे छोड़ दिया। चुनाव के दौरान नयनाबा की लोकप्रियता को कांग्रेस की बड़ी ताकत माना जा रहा था, लेकिन वोटिंग के दिन समीकरण बदल गए।
परिवार की राजनीति बनी चर्चा का केंद्र
इस चुनाव की सबसे चर्चित बात 'ननद बनाम भाभी' की सियासी टक्कर रही। जहां नयनाबा कांग्रेस के लिए प्रचार कर रही थीं, वहीं रिवाबा जडेजा बीजेपी की विधायक होने के नाते दूसरी तरफ खड़ी थीं। इस पारिवारिक राजनीतिक विभाजन ने इस सीट को और भी हाई-प्रोफाइल बना दिया।
राजकोट में BJP का गढ़ कायम
राजकोट को बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है और इस बार भी पार्टी ने यहां अपनी पकड़ बरकरार रखी। नयनाबा की हार को कांग्रेस के लिए इस क्षेत्र में बड़ा झटका माना जा रहा है।
हार के बाद क्या बोलीं नयनाबा?
हार के बाद नयनाबा जडेजा ने न्यूज-18 के साथ बातचीत में कहा कि वे जनता के फैसले का सम्मान करती हैं। उन्होंने माना कि जीत-हार चुनाव का हिस्सा है और वे आगे भी पार्टी और समाज के लिए काम करती रहेंगी।
कौन हैं नयनाबा जडेजा?
नयनाबा जडेजा लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ी रही हैं और एक सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर काम करती आई हैं। यह उनका पहला चुनाव था, जिसमें उन्होंने राजकोट स्थानीय निकाय चुनाव में पार्षद पद के लिए कांग्रेस के टिकट पर किस्मत आजमाई।












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