गुजरात में एक और कांग्रेस MLA ने दिया इस्तीफा, राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर क्या कहा? जानिए
गुजरात में शुक्रवार को कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है। पार्टी के एक और एमएलए ने अपनी विधायकी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी एमएलए सीजे चावड़ा (चतुरसिंह जावंजी चावड़ा) ने विधानसभा स्पीकर से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
सीजे चावड़ा के इस्तीफे के साथ ही गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या घटकर 15 रह गई है। 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी के लिए यह बहुत बड़ा नुकसान है। खासकर तब जब राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बहिष्कार की वजह से प्रदेश इकाई में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

तीन बार कांग्रेस एमएलए रहे सीजे चावड़ा
चावड़ा मेहसाणा जिले के वीजापुर सीट से कांग्रेस विधायक थे। इस इलाके में 2022 में बीजेपी को क्लीन स्वीप मिली थी। विधानसभा अधिकारियों के मुताबिक तीन बार के विधायक ने शुक्रवार सुबह गांधीनगर में स्पीकर शंकर चौधरी से मिलकर अपना इस्तीफा सौंपा है।
गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के रह गए सिर्फ 15 एमएलए
चावड़ा से पहले आणंद जिले की खंभात सीट से कांग्रेस विधायक चिराग पटेल भी इस्तीफा दे चुके हैं। 2022 में कांग्रेस पार्टी गुजरात विधानसभा की 182 सीटों में से मात्र 17 सीटों पर ही जीती थी। लेकिन, अब वह सिमटकर 15 पर रह गई है।
राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा पर कांग्रेस का बयान पसंद नहीं आया- इस्तीफा देने वाले एमएलए
इस्तीफे के बाद चावड़ा ने मीडिया से जो कुछ कहा है, वह कांग्रेस के लिए चिंता की बात हो सकती है। उन्होंने कहा है, 'जब राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा का महोत्सव चल रहा है या जब सर्जिकल स्ट्राइक किया गया था, तब कांग्रेस की ओर से जो बयान आए थे, सलाहकार चाहे जो भी रहे हों, देश को नुकसान हुआ। मैं इसे पसंद नहीं करता।'
पीएम मोदी के बारे में क्या बोले इस्तीफा देने वाले कांग्रेस एमएलए?
उन्होंने अपने इस्तीफे के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि 'जब नरेंद्रभाई (पीएम मोदी) वर्ल्ड लीडर के तौर पर उभरे हैं और अमितभाई (अमित शाह) और उनकी टीम उनकी सहायता कर रही है, मैं बाधा नहीं बनना चाहता और इस्तीफा दे दिया है।'
उन्होंने स्वतंत्रता संघर्ष का हवाला देते हुए पीएम मोदी की तुलना महात्मा गांधी और गृहमंत्री की सरदार वल्लभभाई पटेल से की है। उन्होंने कहा कि 'धारा के विपरीत चलने के बजाए धारा के साथ चलने' का फैसला किया है।
बीजेपी में शामिल हो सकते हैं चावड़ा
माना जा रहा है कि वे फरवरी में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने अभी कहा कि वे वीजापुर के लोगों और समर्थकों से बातचीत के बाद अगला कदम उठाएंगे।
शंकरसिंह वाघेला के करीबी माने जाते हैं
चावड़ा पहली बार 2002 में गांधीनगर विधानसभा सीट से चुने गए थे। वहीं, 2012 में गांधीनगर उत्तर सीट से जीते थे। कांग्रेस के 65 वर्षीय क्षत्रीय चेहरा 2022 तक पार्टी के चीफ व्हिप भी थे। उन्हें पूर्व सीएम शंकरसिंह वाघेला का भी करीबी माना जाता है।
वनइंडिया पहले ही आपको ये रिपोर्ट दे चुका है कि राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा का बहिष्कार गुजरात में कांग्रेस पर बहुत भारी पड़ सकता है। माना जा रहा है कि चावड़ा से इस्तीफा दिलाने में गुजरात बीजेपी के प्रवक्ता जयराजसिंह जाडेजा ने अहम भूमिक निभाई है।
जाडेजा गुजरात बीजेपी के उस पैनल में भी शामिल हैं, जो दूसरे दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं को बीजेपी में लाने के लिए बनाई गई है।












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