गुजरात विधानसभा चुनाव: हार्दिक पटेल आखिर इतने बड़े नेता कैसे बन गए?

हार्दिक पटेल आखिर इतने बढ़े नेता कैसे बन गए?

Recommended Video

    Gujarat Assembly Elections 2017:आखिर Hardik Patel कैसे बन गए Gujarat Election में बड़े नेता।वनइंडिया

    नई दिल्ली। जुलाई, 2015 तक गुजरात में कोई नहीं जानता था कि हार्दिक पटेल कौन है लेकिन दो महीने के भीतर हार्दिक पटेल ने गुजरात में हलचल मचा दी और आज गुजरात का विधानसभा चुनाव हार्दिक पटेल के इर्द गिर्द घूम रहा है। ये हर किसी को हैरान कर देने वाला है, कांग्रेस और बीजेपी को भी। ऐसा क्या हुआ कि 22 साल का एक नौजवान गुजरात ही नहीं देशभर में छा गया। आज की तारीख में हार्दिक कम उम्र होने की वजह से चुनाव लड़ने की पात्रता भी नहीं रखते हैं। 25 साल से कम उम्र में इतना बड़ा राजनीतिक या सामाजिक कद बना लेने का इससे बड़ा उदाहरण दूर दूर तक नजर नहीं आता। पिछले दस सालों में एक शख्सियत उभरी वो अरविंद केजरीवाल थे। जिन्होंने दिल्ली की सत्ता हासिल कर सारे देश को चौंका दिया और दोनों बड़े दलों के महारथियों को भी सबक दे दिया कि जरूरी नहीं, संगठन के भीतर से ही नेता निकलें या फिर पारिवारिक पृष्ठभूमि की बदौलत। हार्दिक पटेल ने तो केजरीवाल का भी मिथक तोड़ दिया है। केजरीवाल ने कई सालों तक सामाजिक कार्यकर्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट के तौर पर काम किया। उनके पास संगठन भी था और अन्ना हजारे के साथ ही तमाम बड़ी शख्सियतों का साथ। बाकी अलग होते गए और केजरीवाल ने अपना मुकाम हासिल कर लिया। हार्दिक पटेल के साथ न तो पारिवारिक पृष्ठभूमि थी, न ही राजनीतिक विरासत। उन पर न तो किसी संगठन की छत्रछाया थी और न ही अनुभव। इसके बावजूद केवल दो साल के भीतर पूरे गुजरात से लेकर दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचाने वाले हार्दिक पटेल में ऐसा क्या था, ये जानना जरूरी है।

    gujarat assembly election 2017 hardik patel roll in election

    छात्रसंघ से जुड़कर हार्दिक में आया बदलाव

    छात्रसंघ से जुड़कर हार्दिक में आया बदलाव

    20 जुलाई 1993 में गुजरात के चंदन नगरी में हार्दिक पटेल का जन्म भरत पटेल और उषा पटेल के घर हुआ। 2004 में परिवार चंदन नगरी से वीरमगम में शिफ्ट हो गया। जो करीब दस किलोमीटर दूर था। छठवीं से आठवीं तक उनकी पढ़ाई दिव्य ज्योत विद्यालय में हुई। पटेल समाज में बचपन से ही परिवार का हाथ बंटाने की परंपरा रही है और वो भी सातवीं के बाद अपने का साथ व्यापार में निभाने लगे। उनके पिता सब मर्सिबल के धंधे में थे।

    साल 2010 में उन्होंने अहमदाबाद के सहजानंद महाविद्यालय में बीकॉम की पढ़ाई की। हार्दिक पटेल के जीवन में यहीं से बदलाव आया। वे छात्र संघ के महासचिव बने और 2011 में सरदार पटेल समूह से जुड़ गए। माना जाता है कि हार्दिक पटेल की बहन मोनिका को जब राज्य सरकार की छात्रवृत्ति नहीं मिली तो जीवन ने बड़ी करवट ली। ओबीसी को आरक्षण का लाभ मिलने से पिछड़ते पटेल समाज को लेकर उनमें रोष पनपा और पाटीदार अनामत आंदोलन का जन्म हुआ। अनामत शब्द गुजराती है जिसका अर्थ आरक्षण है।

    हार्दिक पटेल कैसे आए सुर्खियों में

    हार्दिक पटेल कैसे आए सुर्खियों में

    अब आपको बताते हैं कि हार्दिक पटेल कैसे आए सुर्खियों में। इसकी शुरूआत हुई 25 अगस्त,2015 को। ये न केवल हार्दिक पटेल की लाइफ का टर्निंग प्वाइंट था बल्कि गुजरात की राजनीति का भी। इस रैली में लाखों की भीड़ इकट्ठी हुई तो देशभर की सुर्खियों में हार्दिक पटेल छा गए। हर तरफ एक सरप्राइज सा था कि 22 साल के युवा की एक आवाज पर लाखों पाटीदार सड़कों पर कैसे आ गए।

    इसके पीछे दो वजह थीं। एक तो ये कि पाटीदार समाज कहीं न कहीं लंबे अरसे से चल रही मौजूदा सरकार से खफा था। चाहे वो पढ़ाई और नौकरी में आरक्षण का मुद्दा हो या खेती किसानी का। या फिर राजनीतिक प्रतिनिधित्व का। भीतर ही भीतर जो चिंगारी उठ रही थी उसे हार्दिक पटेल की तूफानी हवा ने आग का रूप दे दिया। दूसरी वजह सरकार रही। आनंदीबेन पटेल के नेतृत्व में सरकार न तो इस चिंगारी को समझ पाई और न ही हार्दिक पटेल के नेतृत्व में उमड़ी भीड़ के गुस्से को। सरकार ने इस आग पर पानी डालने के बजाए सख्ती कर और सुलगा दिया। नतीजा ये निकला कि पाटीदार समाज में गुस्सा और बढ़ा जिससे हार्दिक की लोकप्रियता का ग्राफ भी बढ़ता गया।

    हार्दिक ने की सौ से ज्यादा रैलियां

    हार्दिक ने की सौ से ज्यादा रैलियां

    मामला सरकार के हाथ से निकल चुका था और पाटीदार अनामत आंदोलन समिति की गतिविधियां लगातार बढ़ती चलीं गईं। कम उम्र में ही हार्दिक और उनके साथियों ने पूरे गुजरात में सौ से ज्यादा रैलियां कर डालीं और इस तरह पूरा समाज एकजुट हो गया। इनमें भी यूथ की तादाद ज्यादा रही जिनमें जोश भी था और गुस्सा भी। इसके बावजूद गुजरात सरकार पाटीदार समाज के आंदोलन को दबाने में जुटी रही जितना दबाने की कोशिश की गई, हार्दिक पटेल उतने ही बड़े नेता बनते गए। ये हार्दिक पटेल की खासियत रही कि वो और मजबूत हो गए। साथ में उनमें राजनीतिक परिवक्वता भी आ गई। यही वजह है कि आज गुजरात चुनाव के फोकस में हार्दिक पटेल हैं।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+