Gujarat Assembly Election 2017: अरुण जेटली ने बताया क्यों कांग्रेस नहीं जीत सकती यह चुनाव
Gujarat Assembly Election 2017: अरुण जेटली ने बताया क्यों कांग्रेस नहीं जीत सकती यह चुनाव

गांधीनगर। गुजरात में विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान संपन्न हो गए। आज 68 फीसदी के करीब मतदान हुए। इन सब के बीच गुजरात में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने एक फेसबुक पोस्ट लिखी है। इसके जरिए उन्होंने यह बताया है कि क्यों नहीं गुजरात में कांग्रेस सरकार बना पाएगी।

कांग्रेस का नेतृत्व ध्वस्त हो चुका है
उन्होंने फेसबुक पोस्ट मे लिखा है कि- साल 2002 से ही गुजरात विधानसभा चुनावों में शामिल होने के कारण ऐसा नहीं है कि साल 2017 में कांग्रेस के चुनावी कैंपेन का विश्लेषण नहीं कर पाउंगा। जेटली ने लिखा है कि पहली बात यह है कि राज्य स्तर पर कांग्रेस का नेतृत्व ध्वस्त हो चुका है और बाहर से नेता आ रहे हैं।

विभाजनकारी एजेंडा चुन रहे हैं
जेटली के मुताबिक कांग्रेस नेता और मुद्दे दोनों बाहर से ला रही है जिनका उनकी पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। कोई एक इकलौता राज्य का नेता नहीं है, जिसने पूरे राज्य में कैंपेन किया है। कांग्रेस, परंपरागत मुद्दा से कटी हुई है। साल 2002 से ही वो विभाजनकारी एजेंडा चुन रहे हैं।

शायद ही कोई ऐसा प्रयोग करना चाहेगा!
जेटली के अनुसार साल 1980 में राज्य की दुर्गति हुई जिसकी कीमत चुकाई गई और अब जातियों की लड़ाई से उबरने के बाद शायद ही कोई ऐसा प्रयोग करना चाहेगा। कांग्रेस के घोषणा पत्र की आलोचना करते हुए जेटली ने लिखा कि उसमें विकास का गुजरात मॉडल मौजूद नहीं है। हाल के आंकड़ों के मुताबिक, यह भारत का एकमात्र राज्य है, जिनके सकल घरेलू उत्पाद में 2012-2017 की अवधि के दौरान 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

पाटीदार आरक्षण का फार्मूला गलत!
एक बड़े राज्य में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी अभूतपूर्व है। तथ्य यह है कि इस विकास दर को लगातार पांच साल तक कायम रखा गया है गुजरात मॉडल की सफलता का एक सबूत है, जिससे कांग्रेस दूर जा रही है। कांग्रेस की अगली महत्वपूर्ण दिक्कत है 49% से अधिक आरक्षण के कावादा है। सुप्रीम कोर्ट, 1 99 2 के बाद से, बार-बार यह ध्यान दिलाता है कि सभी आरक्षणों का कुल 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता।

पाटीदार आरक्षण का फार्मूला गलत!
लिखा है कि जिन राज्यों ने इस सीमा को तोड़ने का प्रयास किया है, उन्हें संवैधानिक प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस और PAAS ने गुजरात के लोगों को 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण का वादा किया है। यह असंभव है - जो न्यायिक रूप से कभी भी अनुमित नहीं होगा।

कांग्रेस के पास विकास मॉडल नहीं
विकास का कोई मॉडल नहीं होने पर, कांग्रेस पार्टी का घोषणापत्र राजकोषीय रूप से असंभव है। राज्य द्वारा अर्जित कुल राजस्व लगभग 9 0,000 करोड़ रूपए है। कांग्रेस 20,000 करोड़ रुपये के कर छूट का वादा करती है। इससे राज्य की प्रभावी राजस्व आय 70,000 करोड़ रुपए कम हो जाएगी। लोकलुभावन कार्यक्रमों के संदर्भ में कांग्रेस का घोषणापत्र 1, 21, 000 करोड़ रुपए के अतिरिक्त बोनान्जा देने का वादा करता है जो मुश्किल है।












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