Gujarat election 2017: बीजेपी के मास्टर स्ट्रोक को नहीं झेल पाएगी कांग्रेस

By: अमिताभ श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार
Subscribe to Oneindia Hindi

नई दिल्ली। गुजरात चुनाव में हर रोज कुछ न कुछ नया देखने को मिल रहा है, एक तरफ राहुल गांधी मंदिरों में जाकर खुद को शिवभक्त बता रहे हैं तो हार्दिक पटेल की सीडी सुर्खियों में छाई हुई है लेकिन अभी असल लड़ाई शुरू नहीं हुई है। लोगों को ऐसा लग रहा है कि पहली बार कांग्रेस चुनाव मैदान में सक्रिय दिख रही है और बीजेपी हमलावर नहीं बल्कि डिफेंसिव नजर आ रही है। वाकई बीजेपी डिफेंसिव है। ऐसा क्यों है, इसका राज बीजेपी खोल नहीं रही है लेकिन पार्टी के दिग्गज बताते हैं कि पार्टी के सारे बड़े तीर फिलहाल कमान में हैं और जब निकलेंगे तो कांग्रेस झेल नहीं पाएगी। पार्टी की रणनीति बिलकुल गोपनीय रखी गई है और चंद नेताओं के अलावा किसी को इसकी जानकारी नहीं है। जो जानकारी जिसके मतलब की है, उसे ही बताई जा रही है और पार्टी के मास्टर स्ट्रोक अभी जान बूझ कर सामने नहीं लाए जा रहे हैं। ये मास्टर स्ट्रोक मतदान के ठीक पहले निकलेंगे और उससे चुनाव की पूरी फिजा बदल जाएगी।

पार्टी की क्या रणनीति है

पार्टी की क्या रणनीति है

पार्टी की क्या रणनीति है, जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक नामांकन प्रक्रिया के बाद पार्टी पूरी तरह चुनाव के सक्रिय मूड में जाना शुरू होगी और चुनाव प्रचार की धार आखिरी वक्त तक लगातार तेज होती जाएगी। पार्टी को लगता है कि अकेले नरेंद्र मोदी ही जब गुजरात में डेरा डालेंगे तो कांग्रेस का सफाया होता दिखने लगेगा। मोदी की करीब 50 धुआंधार रैलियों की तैयारियां की जा रही हैं और इन रैलियों के जरिए वो पूरे गुजरात का दौरा करेंगे। ये भी ध्यान रखा जा रहा है कि उनकी ज्यादा रैलियां बीजेपी के कमजोर इलाकों में हों जहां कांग्रेस अपना प्रभाव जमाने की कोशिश कर रही है। इनमें वे इलाके हैं जहां हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश अपने दबदबे का दावा कर रहे हैं।

एक दर्जन मंत्रियों को गुजरात में डेरा डालना है

एक दर्जन मंत्रियों को गुजरात में डेरा डालना है

इसके अलावा करीब एक दर्जन मंत्रियों को गुजरात में डेरा डालना है जिनमें गुजरात के पुरुषोत्तम रूपाला,मनसुख मंडविया तो हैं ही, इनके साथ ही केंद्रीय रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण, रामविलास पासवान, प्रकाश जावड़ेकर, जे.पी.नड्ढा, स्मृति ईरानी भी जुटेंगे। यही नहीं कई मुख्यमंत्रियों के भी दौरे होंगे। इनकी सभाएं जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखकर की जाएगी ताकि ओबीसी, दलित और पाटीदार समाज में पैठ बनाई जा सके। यही नहीं प्रमुख चेहरों के अलावा दो सौ नेताओं की टीम भी गुजरात चुनाव में मुस्तैद रहेगी जिनमें केंद्र से संगठन के पदाधिकारियों के अलावा दूसरे प्रदेशों से आए मंत्री और पदाधिकारी शामिल हैं।

 चुनाव प्रबंधन में माहिर उतरेंगे मैदान में

चुनाव प्रबंधन में माहिर उतरेंगे मैदान में

ये वो लोग होंगे जो चुनाव प्रबंधन में माहिर माने जाते हैं। ये तो पार्टी की वो रणनीति है जिससे चौतरफा कांग्रेस पर हमला होगा और राहुल गांधी की टीम को कुछ ही दिनों में बेअसर किया जा सकेगा। इसके अलावा कुछ मास्टर स्ट्रोक हैं जो चुनाव की पूरी हवा बदलेंगे। इन मास्टर स्ट्रोक बीजेपी के सूत्र संकेत तो दे रहे हैं लेकिन खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। दरअसल उन्हें भी पूरी तरह से जानकारी नहीं है। बस इतना जान रहे हैं कि तुरुप के पत्ते हैं जो खुलेंगे तो चुनाव की हवा ही बदल जाएगी।

गुजरात के घरों पर दिखे रहस्यमयी एक्स (X) निशान, मुसलमानों ने जताई आशंका

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
gujarat assembly election 2017 Congress will not be able to catch master stroke of BJP
Please Wait while comments are loading...