हज यात्रा से जीएसटी हटाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब
नई दिल्ली। हज यात्रा से जीएसटी हटाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने हज यात्रा पर नौ फीसदी जीएसटी लगाए जाने पर केंद्र सरकार के अधिवक्ता अटॉर्नी जनरल से अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल इस याचिका में अदालत से हज यात्रा को जीएसटी से छूट देने की अपील की गई है।

धार्मिक यात्रा पर ना लगे टैक्स
सुप्रीम कोर्ट मे दायर इस याचिका में कहा गया है कि हज एक धार्मिक यात्रा है, जो पहल से ही काफी महंगी है। ऐसे में इस पर और टैक्स लगाने से ये सफर गरीब लोगों की पहुंच से दूर हो जाएगा। याचिका में मांग की गई है कि इस पर जीएसटी लागू नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर अटॉर्नी जनरल से जवाब मांगा है।

नई हज नीति में हज सफर पर नौ फीसदी जीएसटी
केंद्र सरकार ने हाल ही में नई हज नीति बनाई है। ये नीति 2018 से 2022 के लिए बनी है। इसमें हज के लिए किए जाने वाले सफर पर नौ फीसदी जीएसटी भी देना होगा। केंद्र सरकार का अल्पसंख्यक मंत्रालय अक्टूबर 2017 में नई हज नीति लेकर आया था। केंद्र सरकार की नई हज नीति तब से लगातार किसी ना किसी वजह से चर्चा में बनी है।

20 हजार रुपए महंगा हुआ हज का सफर
हज यात्रा पर जीएसटी लगने के बाद एक आदमी का इस सफर के लिए खर्च पहले के मुकाबले तकरीबन 20 हजार रुपए बढ़ जाएगा। हज और उमराह पर जाने वाले यात्रियों पर जीएसटी का कई संगठन विरोध कर रहे हैं। हज कमेटी का कुल कोटा एक लाख 70 हजार यात्रियों का होता है।












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