छोटे कारोबारियों को दिवाली तोहफा, हर महीने नहीं भरना होगा GST रिटर्न, गहनों पर GST अधिसूचना रद्द

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा को बढ़ा दिया है। जीएसटी लागू होने के बाद से व्यवसाय में हो रही परेशानी और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को देखते हुए सरकार ने छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए हर महीने दाखिल किए जाने वाले रिटर्न की जगह तीन महीने में रिटर्न भरे जाने की मांग को मंजूरी दे दी है। कम्पाउडिंग स्कीम की सीमा 75 लाख से 1 करोड़ कर दी गई है. साथ ही व्यापारियों को तिमाही रिटर्न दाखिल करने की छूट दी गई है।जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि बैठक में छोटे व्यापारियों को आने वाली समस्याओं पर चर्चा हुई है। जीएसटी में आने वाली परेशानियों पर चर्चा हुई।

छोटे कारोबारियों को दिवाली तोहफा, हर महीने नहीं भरना होगा GST रिटर्न, गहनों पर GST अधिसूचना रद्द
  • वित्त मंत्री ने बताया कि निर्यातकों के लिए ई-वॉलेट की व्यवस्था की जाएगी। 
  • निर्यातकों की बड़ी रकम फंसी हुई है
  • जीएसटी का बड़ा हिस्सा बड़े व्यापारियों की तरफ से आता है

बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा शुक्रवार को जीएसटी परिषद की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए कहा, 'डेढ़ करोड़ रुपये से नीचे के टर्नओवर वाले कारोबारियों को अब तीन महीने में एक बार रिटर्न फाइल करना होगा।' अभी तक सभी कारोबारियों को हर महीने में रिटर्न भरना होता था।

छोटे कारोबारियों को दिवाली तोहफा, हर महीने नहीं भरना होगा GSTरिटर्न, डेढ़ करोड़ तक टर्नओवर पर राहत

जीएसटी परिषद की बैठक में ये फैसले लिए गए हैं

छोटे कारोबारियों को अब जीएसटी टैक्स का प्रति माह भुगतान करना होगा लेकिन रिटर्न अब उन्हें तीन महीनों में भरना होगा।
कंपाउंडिंग स्कीम के तहत 75 लाख रुपये के टर्नओवर की सीमा को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है। ऐसे कारोबारी अब 3 महीने पर कुल बिक्री का 1 फीसदी कर जमा कर रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।
रिवर्स चार्ज की व्यवस्था को अगले साल 31 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

छोटे कारोबारियों को दिवाली तोहफा, हर महीने नहीं भरना होगा GSTरिटर्न, डेढ़ करोड़ तक टर्नओवर पर राहत

कंपाउंडिंग डीलरों को दूसरे राज्यों में माल बेचने का अधिकार और इनपुट सब्सिडी का लाभ देने के लिए 5 सदस्यीय मंत्रिसमूह का गठन किया गया है। वहीं रिवर्स चार्ज की व्यवस्था के तहत करदाताओं को माल खऱीदने पर कर का भुगतान करना पड़ता था।

जीएसटी परिषद के इन सभी फैसलों से छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही परिषद में जेम्स एंड ज्वैलरी पर अपने पहले की अधिसूचना को रद्द कर दिया है। इस मामले में विचार-विमर्श के बाद नई अधिसूचना जारी की जाएगी।

जीएसटी को लागू हुए तीन महीने बीत चुके हैं और इस दौरान सरकार को भी इस बात का अहसास हुआ कि जीएसटी की विसंगतियों को दूर किया जाना जरूरी है। हालांकि प्रधानमंत्री इससे पहले चार्टड अकाउंटेंट्स की एक सभा में अपने संबोधन में इस बात का जिक्र कर चुके हैं जीएसटी में जो भी विसंगतियां सामने आ रही हैं सरकार उसे दूर करने का प्रयास कर रही है।

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English summary
gst council announces big relief to traders arun jaitley sushi modi narendra modi central government

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