आगामी बजट में सरकार रियल स्टेट सेक्टर में कम कर सकती है GST

नई दिल्ली। वित्तमंत्री अरुण जेटली एक फरवरी को 2018-19 के वित्तीय वर्ष का केंद्रीय बजट पेश करेंगे। वित्तमंत्री जेटली ने पहले ही कहा चुके हैं कि इस बार बजट में कृषि क्षेत्र सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता वाला सेक्टर होगा। क्योंकि देश का आर्थिक विकास तब तक 'उचित और न्यायसंगत' नहीं है, जब तक कि कृषि क्षेत्र में इसका लाभ न दिखने लगे।

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केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, देश की आर्थिक वृद्धि दर 2017-18 वित्त वर्ष में 6.5 प्रतिशत की दर से चार साल के निम्नतम स्तर पर रहने की उम्मीद है। कृषि और विनिर्माण क्षेत्र के खराब प्रदर्शन चलते नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार में विकास दर सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।

ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि आगामी बजट में सरकार निर्माणाधीन प्रॉपर्टी पर जीएसटी कम कर सकती है। वहीं रियल स्टेट प्रोजेक्ट को सिंगल विंडो क्लियरेंस की सुविधा दे सकती है साथ ही इस पूरे सेक्टर को एक इंडस्ट्रीज का दर्जा दे सकती है। प्रॉपर्टी कंसलटेंट एनारॉक के मुताबिक, यह बजट की संभावित लिस्ट में हो सकता है जिससे इस सेक्टर में तेजी से मांग बढ़ेगी।

ANAROCK के चैयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि, सरकार ने इस क्षेत्र में विनियमन करने के लिए सक्रिय रुख अपनाया है। अब भी कई नीति संबंधी दर्द बिंदु हैं जो आगामी केंद्रीय बजट में निर्णायक अंतर बना सकते हैं। अभी, निर्माणाधीन संपत्तियों पर 12 फीसदी जीएसटी लगाया जा रहा है, जो पिछले करों से काफी अधिक है। सरकार को ऐसे कदम उठाने होंगे जिससे इस सेक्टर में मांग फिर से बढ़ सके।

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