कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर केंद्र अलर्ट, लिए गए ये दस बड़े फैसले
नई दिल्ली, 28 नवंबर: कोरोना वायरस के नए वेरिएंट 'ओमिक्रोन' को लेकर दुनियाभर में चिंता की दिख रही है। भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसको लेकर स्थिति की समीक्षा करने के बाद रविवार को गृह मंत्रालय की बैठक हुई है। केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में ओमिक्रॉन के संभावित खतरे को टालने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। जिसमें विदेश से आने वाली उड़ानों को लेकर अधिक सतर्कता की बात प्रमुख है। जानिए बैठक की दस बड़ी बातें क्या रही हैं।

एसओपी की होगी समीक्षा
- बैठक में कोरोना के ओमीक्रोन वेरिएंट से निपटने के निवारक उपायों को मजबूत करने पर चर्चा की गई। गृह मंत्रालय ने कहा है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के परीक्षण, निगरानी पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की समीक्षा करेगी।
- अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक उड़ानों को फिर से शुरू करने की तारीख की भी समीक्षा की जाएगी। हो सकता है कि फिलहाल उड़ानों को शुरू करने की तारीख आगे बढ़ा दी जाए।
- गृह मंत्रालय ने कहा कि जिन देशों में ओमिक्रन के केस मिले हैं, उन देशों से आने वाले लोगों की निगरानी की जाएगी। साथ ही ओमीक्रोन वेरिएंट के लिए जीनोमिक निगरानी को मजबूत और तेज किया जाएगा।
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राज्यों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया
- केंद्र ने कहा है कि यह जरूरी है कि गहन नियंत्रण, सक्रिय निगरानी, टीकाकरण की बढ़ी हुई कवरेज और कोविड-उपयुक्त व्यवहार के साथ-साथ दूसरी एहतियात भी रखी जाएं।
- केंद्र ने राज्यों को बताया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के माध्यम से आने वाले यात्रियों के पिछले यात्रा विवरण प्राप्त करने के लिए पहले से ही एक रिपोर्टिंग तंत्र तैयार करने को कहा है।
- केंद्र ने कहा है कि नए वेरिएंट की वजह से अगर केस बढ़ते हैं तो इससे निपटने के लिए पर्याप्त परीक्षण बुनियादी ढांचे को चालू करने की आवश्यकता है। ऐसे में राज्य इस ओर ध्यान दें।

अफ्रीका से आने वालों को लेकर सबसे ज्यादा चिंता
- केंद्र ने कहा है कि कुछ राज्यों में आरटी-पीसीआर परीक्षणों के अनुपात में गिरावट आई है। पर्याप्त जांच के अभाव में संक्रमण फैलने के सही स्तर का पता लगाना बेहद मुश्किल है। ऐसे में इस ओर विशेष ध्यान दिया जाए।
- केंद्र ने कहा है कि हॉटस्पॉट, या उन क्षेत्रों की निरंतर निगरानी की जानी चाहिए जहां हाल ही में सकारात्मक मामलों ज्यादा मिले हैं। साथ ही पॉजिटिव नमूनों को जीनोम जांच के लिए नामित लैब में भी भेजा जाना चाहिए।
- हमने देश में पिछले उछाल में देखा है कि कोविड पर चर्चा अक्सर गलत सूचनाओं से प्रभावित होती है, जिससे जनता में चिंता पैदा होती है। इसे संबोधित करने के लिए, सभी राज्यों को प्रेस वार्ता और राज्य बुलेटिनों के माध्यम से समुदाय की चिंताओं को लगातार और नियमित रूप से संबोधित करना चाहिए।
- ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, बेल्जियम, ऑस्ट्रिया, बोत्सवाना, इजराइल और हांगकांग में 'ओमिक्रॉन' का पता चला है। इसने दुनिया भर में चिंता पैदा कर दी है। इसके चलते कोविड महामारी को लंबी खिंच सकती है।












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