'धार्मिक समारोहों के लिए अनुमति देना एक बुरा आइडिया था', केरल में बढ़ते कोरोना मामलों पर सरकार ने कहा
'धार्मिक समारोहों के लिए अनुमति देना एक बुरा आइडिया था', केरल में बढ़ते कोरोना मामलों पर सरकार ने कहा
नई दिल्ली, 09 अगस्त: केरल में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए सरकारी पैनल के एक अधिकारी ने कहा है कि राज्य में महामारी को बढ़ने से रोका जा सकता था, अगर वहां धार्मिक समारोहों को फिर से शुरू नहीं किया जाता। सरकार की जीनोम अनुक्रमण निगरानी करने वाली एजेंसी भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स के निदेशकों में से एक अनुराग अग्रवाल ने कहा कि केरल में कोविड-19 मामलों को बढ़ने से रोका जा सकता था, अगर राज्य की सरकार ने धार्मिक समारोहों को फिर से शुरू करने की अनुमति नहीं देता तो। केरल में धार्मिक समारोहों के लिए अनुमति देना एक बुरा आइडिया था।

अनुराग अग्रवाल ने इंडिया टुडे टीवी से बात करते हुए कहा है कि केरल में धार्मिक समारोहों को कराने की अनुमति देना एक खराब आइडिया था। केरल सरकार को केवल आवश्यक सेवाओं को ही फिर से खोलने की अनुमति देनी चाहिए थी। अनुराग अग्रवाल ने कहा है कि अगर केरल धार्मिक समारोहों के लिए नहीं खुलता तो 13,000 से 20,000 मामले नहीं हर दिन नहीं आते।
अनुराग अग्रवाल ने कहा है कि उत्तर भारत की तुलना में केरल महामारी के पीछे था और राज्य में कोविड-19 संक्रमण बढ़ता रहेगा। उन्होंने कहा है कि केरल में जबकि कोरोना के किसी नए वेरिएंट की पहचान नहीं हो पाई है। अनुराग अग्रवाल ने कहा कि राज्य के नमूनों की जीनोम अनुक्रमण से पता चला है कि कम से कम 90 प्रतिशत मामले कोरोना के डेल्टा वेरिएंट के थे। कोरोना की दूसरी लहर में अप्रैल से मई के दौरान केरल में कोरोना के डेल्टा वेरिएंट के केस सामने आए थे।
अनुराग अग्रवाल ने कहा है कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर देश में सितंबर या अक्टूबर में आ सकती है। हालांकि उन्होंने कहा कि दूसरी लहर खत्म नहीं हुई है क्योंकि देश के अलग-अलग हिस्सों में अब भी कोरोना के मामले ज्यादा आए हैं।
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर अनुराग अग्रवाल ने कहा है कि पहले ठीक हो चुके लोगों को गंभीर बीमारी नहीं होगी, इसलिए तीसरी लहर बहुत गंभीर नहीं होगी। लेकिन यह सब बदल जाएगा अगर वायरस ने अपना रूप बदल लिया तो।
अनुराग अग्रवाल ने कहा है कि भविष्य में कोरोना वायरस के मामले को बढ़ने से रोकने का बस एक मात्र तरीका है, वैक्सीनेशन अभियान में तेजी लाना। उन्होंने कहा कि देश में दी जाने वाली कोविड-19 वैक्सीन लगभग 60 प्रतिशत कोरोना के संक्रमण से सुरक्षा दे सकते हैं।












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