7.40 लाख असॉल्ट राइफलें खरीदने की मंजूरी, बढ़ेगी सशस्त्र बलों की ताकत

Written By: Mohit
Subscribe to Oneindia Hindi
    Indian Forces के लिए खरीदे जाएंगे Light Weight Machine Guns, Army की बढ़ेगी ताकत | वनइंडिया हिन्दी

    नई दिल्लीः रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को 15,935 करोड़ रुपये सौदे को मंजूरी दे दी। इसके तहत अब सशस्त्र बलों की शक्ति में इजाफा होगी, सरकार द्वारा दी गई मंजूरी के बाद 7.40 लाख असॉल्ट राइफलों, 5,719 स्नाइपर राइफलों और लाइट मशीन गनों को सेना द्वारा खरीदा जाएगा। बता दें, ये प्रस्ताव काफी समय से लंबित था। देश में रक्षा मंत्रालय की निर्णय रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) द्वारा लिए जाते हैं।

    Govt Clears Rs 15,935 Crore Plan to Give Armed Forces Much-needed Firepower

    साफ कर दें, ये राइफलें सरकार द्वारा संचालित आयुध फैक्टरियों और निजी क्षेत्रों द्वारा बनाई जाएंगी, इसे 'बाय एंड मेक इंडियन' श्रेणी का नाम दिया गया है।

    मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 'बॉय एंड मेक श्रेणी के तहत संतुलित मात्रा में खरीद के लिए एक साझा प्रस्ताव पर प्रक्रिया चल रही है।'

    सरकार ने सीमा पर तैनात सैनिकों को आधुनिक तथा अधिक प्रभावी उपकरणों से लैस करने के लिए का करना शुरू कर दिया है, पिछले एक महीने में डीएसी ने राइफलों, कार्बाइनों और एलएमजी की खरीद तेज कर दी है।

    इस मंजूरी के बाद नौसेना की भी ताकत बढ़ेगी। मंत्रालय का कहना है कि नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता को मजबूत करने के लिए डीएसी ने 850 करोड़ रुपये की लागत से 'एडवांस्ड टारपीडो डिकॉइ सिस्टम' (एटीडीएस) की खरीद को भी मंजूरी प्रदान कर दी। 

    रक्षा मंत्रालय का कहना है कि , 'मारीच प्रणाली का विनिर्माण 850 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से भारत इलेक्ट्रानिक्स, बेंगलूरू द्वारा किया जाएगा।'

    यह भी पढ़ें- 'पीएम को नोटबंदी का आइडिया RBI या वित्त मंत्री ने नहीं, बल्कि RSS ने दिया था'

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Govt Clears Rs 15,935 Crore Plan to Give Armed Forces Much-needed Firepower

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more