चीन और पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच सेना को मिली छोटे युद्ध के लिए हथियारों की खरीद को मंजूरी
नई दिल्ली। चीन के साथ सिक्किम में बढ़ते तनाव और कश्मीर में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों की लगातार घुसपैठ के बाद केंद्र सरकार ने सेना ने और ज्यादा ताकतवर बनाने का मन बनाया है। सरकार ने सेना को छोटे और गहन युद्ध के लिए हथियारों की आकस्मिक खरीद की मंजूरी दे दी है। अब इस मंजूरी के बाद सेना गोला बारूद, हथियार और कई तरह के दूसरे सिस्टम भी खरीद सकेगी। इस खरीद के बाद सेना किसी भी पल युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार रहेगी।

उप सेना प्रमुख को मिली ताकत
सरकार के इस आदेश के बाद उपसेना प्रमुख सेना के के लिए आकस्मिक खरीद के लिए अधिकृत हो गए हैं। यह कदम सरकार की ओर से युद्ध के लिए सेना की तैयारियों में आई खाली जगह को भरने के लिए उठाया गया है। दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने सिक्किम के डोकलाम एरिया में चीन के साथ एक माह से टकराव के बीच यह कदम उठाया है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर में एलओसी पर भी पाकिस्तान के साथ लगातार तनाव बना हुआ है। सरकार के इस फैसले के बाद अब उप सेना प्रमुख के हथियारों को खरीदने के लिए सारी वित्तीय ताकत आ गई है। उप सेना प्रमुख गोला बारूद के अलावा 10 तरह के वेपेन सिस्टम के स्पेयर पार्ट्स और दूसरे अहम उपकरणों को खरीदने की मंजूरी दे सकेंगे। सरकार के इस फैसले के बाद खरीद की लंबी प्रक्रिया और लाल फीताशाही से भी छुटकारा मिल सकेगा।
रकम की सीमा तय नहीं
रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी की ओर से कहा गया है कि खरीद के लिए कोई भी रकम सरकार की ओर से तय नहीं की गई है। 31 मार्च 2017 को सेना को आकस्मिक खरीद के लिए अधिकृत किया गया था। उस समय एक ऑडिट हुआ था और इसमें कई तरह की खामियां पाई गई थीं। सेना के पास करीब 46 तरह के अहम हथियार हैं जिसमें 10 हथियारों के स्पेयर पार्ट्स हैं। सेना के पास 20 तरह के गोला-बारूद है जिसमें आर्टलरी और टैंक से जुड़ा गौला बारूद शामिल है। गौरतलब है कि सेना 40 दिनों की लड़ाई के लिए हथियार तैयार रखती है।












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